21 मार्च को जयपुर में राजस्थान पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष धर्मेन्द्र राठौड़ के घर के बाहर धरने पर बैठे बेरोजगार युवाओं को पुलिस ने खदेड़ दिया। राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के अध्यक्ष उपेन यादव सहित कई धरनार्थियों को हिरासत में ले लिया गया।
उपेन यादव ने पुलिस के इस कृत्य की निंदा करते हुए बताया कि चार दिसंबर 2021 को लखनऊ में धर्मेन्द्र राठौड़ की मध्यस्थता में ही बेरोजगारों के साथ समझौता हुआ था। बाद में इस समझौते पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी अपनी सहमति प्रकट की लेकिन साढ़े तीन माह गुजर जाने के बाद भी समझौते की क्रियान्विति नहीं हुई। इसलिए 21 मार्च को धर्मेन्द्र राठौड़ के घर के बाहर धरना दिया गया लेकिन पुलिस ने सरकार के इशारे पर गैर जिम्मेदाराना व्यवहार किया है।
उन्होंने कहा कि बेरोजगारों की मांग को लेकर लगातार प्रदेश में आंदोलन चल रहा है, लेकिन सरकार कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं कर रही है। जिसकी वजह से हजारों बेरोजगार सरकारी नौकरियां पाने से वंचित हैं। सरकार के अनिर्णय की वजह से ही अनेक भर्तियां रुकी हुई है।
हालांकि बाद में उपेन यादव ने ट्वीट कर लिखा कि युवा साथियों पुलिस ने मुझे हिरासत से छोड़ दिया है lयुवा बेरोजगारों की विभिन्न मांगों को लेकर संघर्ष अंतिम सांस तक जारी रहेगा और यदि कांग्रेस सरकार युवा बेरोजगारों की विभिन्न मांगे जल्द से जल्द पूरी नहीं करती है तो पूरे प्रदेश में कांग्रेस मुक्त अभियान चलाया जाएगा।