लखनऊ। ईरान के सर्वोच्च धर्मगुरु अयातुल्लाह अली खामेनेई की शहादत के बाद उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय पुराने लखनऊ के शिया बहुल इलाकों में पहुंचे। उन्होंने खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित की और वरिष्ठ शिया धर्मगुरु मौलाना कब्ले जव्वाद से मुलाकात की।

अजय राय ने कहा कि अयातुल्लाह खामेनेई ने आत्मसमर्पण करने के बजाय बहादुरी का मार्ग चुना। उनकी शहादत सभी के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने मोदी सरकार की खामोशी को शर्मनाक बताते हुए कहा कि यह न केवल सरकार के नैतिक पतन की ओर इशारा करती है बल्कि भारत की उस सभ्यता पर भी सवाल खड़े करती है, जिसने हमेशा दुनिया में ज्ञान और रोशनी फैलाने का काम किया है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि भारत और ईरान के बीच लंबे समय से मजबूत संबंध रहे हैं, जिन्हें वर्तमान भाजपा सरकार ने कुछ चुनिंदा लोगों के व्यक्तिगत लाभ के लिए कमजोर किया है। इस दौरान मौलाना शफीक़ शफक़, शिया नेता शामिल शम्सी, फैज़ी जैदी और अब्दुल्ला शेर ख़ान समेत अन्य समुदायिक नेता भी मौजूद रहे।