उत्तर प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सुरक्षा व्यवस्था अन्य पूर्व मुख्यमंत्रियों की तुलना में सबसे व्यापक है। यह जानकारी उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विधान परिषद में साझा की। उन्होंने बताया कि राजनाथ सिंह और मायावती की सुरक्षा के मुकाबले, अखिलेश यादव के लिए तैनात कर्मियों की संख्या अधिक है।

यह मुद्दा सपा सदस्य आशुतोष सिन्हा ने उठाया था। उन्होंने कहा कि चाहे सपा और भाजपा की विचारधारा अलग हो, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्रियों की सुरक्षा में कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने अखिलेश यादव के लिए एनएसजी सुरक्षा की मांग की।

इस पर केशव प्रसाद मौर्य ने स्पष्ट किया कि एनएसजी सुरक्षा देने का अधिकार केंद्र सरकार का है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राजनाथ सिंह के लिए 82 सुरक्षा कर्मी तैनात हैं, जबकि उनके लिए 81 की संस्तुति थी। मायावती के लिए 161 कर्मी तैनात हैं, जबकि संस्तुति 156 थी। वहीं, अखिलेश यादव के लिए 186 कर्मियों की तैनाती की गई है, जबकि संस्तुति 185 थी।

उप मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पूर्व मुख्यमंत्रियों के लिए जेड प्लस सुरक्षा प्रावधान है। उन्होंने कहा कि सपा को सिर्फ मायावती की एनएसजी सुरक्षा से आपत्ति है, जबकि उनकी सरकार अखिलेश यादव की सुरक्षा को लेकर किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगी।

सपा सदस्य राजेंद्र चौधरी ने हंसी-मजाक में कहा कि 15 मार्च 2027 को यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव होंगे, जिस पर केशव ने इसे “मुंगेरी लाल का हसीन सपना” करार दिया।