मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने शुक्रवार को धमकी देने के मुकदमे में भदोही जिले के ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र को जमानत दे दी। हालांकि कौलापुर के पूर्व प्रधान लेटर हेड के गलत इस्तेमाल मामले में उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी।
ज्ञानपुर से चौथी बार विधायक बने विजय मिश्र, उनकी पत्नी एमएलसी रामलली मिश्र और बेटे विष्णु मिश्र के खिलाफ एक साल पूर्व उनके रिश्तेदार कृष्ण मोहन तिवारी ने घर और जमीन पर कब्जा करने का मुकदमा दर्ज कराया था। 14 अगस्त 2020 को वह मध्य प्रदेश आगर जिले से गिरफ्तार किए गए। तब से उन पर सात मुकदमे चल रहे हैं।
इसी क्रम में शुक्रवार को उनके अधिवक्ता ने सीजेएम साबिया खातून की अदालत में पूर्व प्रधान लेटरपैड के दुरुपयोग के मामले में और रिश्तेदार के पुत्र सूर्य कमल तिवारी को धमकाने के मुकदमे में जमानत के लिए अर्जी दी। जिसमें दलील दी गई कि वे चार बार से विधायक हैं। साजिश के तहत उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए।
विधायक के अधिवक्ता आनन्द शुक्ला ने बताया कि कोर्ट ने धमकी के मुकदमे में विजय मिश्र को जमानत दे दी है जबकि पूर्व प्रधान के लेटर पैड के दुरुपयोग के मुकदमे में अर्जी खारिज कर दी है। एक सप्ताह पूर्व विधायक दुष्कर्म और सरकारी जमीन के मामले में कोर्ट में पेश भी हुए थे।