राजधानी लखनऊ में मंगलवार को किसान दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाग लिया और उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने कई किसानों को कृषि यंत्रों के रूप में ट्रैक्टर की चाबियां भी सौंपीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसान कल्याण को लगातार आगे बढ़ा रही है और यह पहली बार है जब किसान नीतियों और सरकारी योजनाओं के केंद्र में हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2014 के बाद से किसानों के विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है।

सीएम योगी ने धरती की सेहत का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस तरह परिवार में बीमार मां की देखभाल संतान का कर्तव्य होता है, उसी तरह धरती माता की रक्षा भी हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पहली बार मिट्टी की गुणवत्ता को लेकर गंभीर पहल की गई और इसके तहत सॉइल हेल्थ कार्ड जैसी योजनाएं शुरू की गईं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि अब प्रदेश ही नहीं, देशभर के किसान सॉइल हेल्थ कार्ड के माध्यम से अपनी जमीन की उर्वरता पर ध्यान दे रहे हैं। इसके लिए सरकार ने व्यापक जागरूकता अभियान भी चलाए हैं। उन्होंने किसानों से देश और प्रदेश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।

इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि ‘जय जवान, जय किसान’ और ‘जय विज्ञान’ के साथ अब अनुसंधान को भी जोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि नई तकनीक और शोध के माध्यम से कृषि क्षेत्र को आधुनिक स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य पूरा किया जा सके।

कार्यक्रम में कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख, पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह, उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।