लखनऊ. 2022 में होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर वोट बैंक की राजनीति शुरू हो गई है। सभी राजनीतिक दल वोट बैंक को मजबूत करने में लग गई है। सभी दल वोटरों को लुभाने के लिए अलग-अलग हथकंडे अपना रहे हैं। सपा और बसपा ब्राह्मण वोटरों को अपने सात जोड़ने के लिए रैलियां और बैठके कर रही है तो वहीं यूपी की सत्ता से बेदखल चल रही कांग्रेस ने इस बार दलित और पिछड़ी जातियों को जोड़ने की कवायद शुरू कर दी है।

चुनावी बिगुल फूकेंगी प्रियंका

कांग्रेस तीन अगस्त से पूरे यूपी में दलित स्वाभियान यात्रा निकालने जा रही है। सूत्रों की मानें तो प्रियंका गांधी 10 अगस्त को यूपी के दौरे पर फिर आ रही हैं। प्रियंका 2022 के चुनाव को लेकर पार्टी नेताओं के साथ बैठक कर रणनीति तैयार करेंगी। जानकार बता रहे है कि प्रियंका अपने इस दौरे के साथ ही उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का बिगुल फूकेंगी।

दलितों के मुद्दों को उठाएगी कांग्रेस

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के दौरे से पहले तीन अगस्त से उत्तर प्रदेश कांग्रेस सभी जिलों में दलित स्वाभिमान यात्रा निकालेगी। इस यात्रा का उद्देश्य दलित समुदाय से जुड़े मुद्दों को उठाकर उन्हें अपने पक्ष में करना है। दरअसल, दलित समुदाय की हितैषी होने का दावा अभी तक बसपा करती रही है, लेकिन बीते दिनों जिस तरह से बहुजन समाज पार्टी ने ब्राह्मण समुदाय को साधने का काम किया है, उसके बाद कांग्रेस को दलित समुदाय को अपनी तरफ करने का यह अच्छा मौका दिखाई दे रहा है।

योगी सरकार को अल्टीमेटम देगी कांग्रेस

कांग्रेस की ओर से दलित स्वाभिमान यात्रा के दौरान यूपी की योगी सरकार को दलित उत्पीड़न रोकने के लिए अल्टीमेटम दिया जाएगा। इसके साथ ही दलित समुदाय के हितों से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए बड़ा आंदोलन करने की भी तैयारी की जा रही है। कांग्रेस की ओर से योगी सरकार को अगले 10 दिनों में दलित उत्पीड़न रोकने को लेकर अल्टीमेटम दिया जाएगा। यदि दिए गए समय में यूपी सरकार की ओर से कोई खास कदम नहीं उठाया गया तो कांग्रेस पार्टी राज्य में बड़े स्तर पर दलितों के लिए आंदोलन करेगी।