बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ चल रही एफआईआर एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है और इसे उनके अपमान के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि धर्म की नगरी प्रयागराज में ऐसे पाप लंबे समय तक टिक नहीं सकते।

अग्निहोत्री ने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर एफआईआर को रद्द किया जाए। बुधवार को अपनी राजनीतिक पार्टी की घोषणा के बाद पहली बार संगमनगरी आए अलंकार ने श्री बड़े हनुमानजी का आशीर्वाद भी लिया।

पूर्व मजिस्ट्रेट ने बताया कि वे सिविल सेवा की तैयारी के दौरान अक्सर हनुमानजी के दर्शन के लिए प्रयागराज आते थे और अब नई राजनीतिक पारी की शुरुआत पर आशीर्वाद लेने आए हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी सर्वसमाज के हितों के लिए काम करेगी और देश में वर्तमान में एससी-एसटी एक्ट, यूजीसी बिल जैसे मुद्दों पर किसी की आवाज नहीं उठ रही है। उनका मानना है कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए सवर्ण समाज की भी आवाज को प्रमुखता दी जानी चाहिए।

अग्निहोत्री ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए बच्चों की चोटी खींचकर की जाने वाली हिंसा और अन्य अपराधों पर कड़ा कदम उठाया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि शंकराचार्य को फंसाने का प्रयास सीधे सनातन धर्म पर प्रहार है और इस मामले में आरोप लगाने वाले की आपराधिक पृष्ठभूमि की जांच होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह के अपमान और आरोप से बचा जा सके।