संभल में जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा से जुड़े मामले में पुलिस अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज कराने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में मंगलवार को सुनवाई नहीं हो सकी। अदालत ने अब इस मामले को 9 फरवरी के लिए सूचीबद्ध कर दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति समित गोपाल की एकल पीठ ने पारित किया।
गौरतलब है कि 24 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान विरोध प्रदर्शन के बीच हालात बिगड़ गए थे और इलाके में हिंसा फैल गई थी। इस मामले में यामीन नामक व्यक्ति ने आरोप लगाया था कि उस समय के सीओ अनुज चौधरी, कोतवाल अनुज तोमर और अन्य पुलिसकर्मियों ने फायरिंग की, जिसमें उसके बेटे आलम को गोली लग गई थी।
यामीन ने इन आरोपों को लेकर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में शिकायत दाखिल की थी। इस पर सीजेएम ने 9 जनवरी को अनुज चौधरी सहित 22 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था।
इस आदेश को चुनौती देते हुए तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी और कोतवाल अनुज कुमार तोमर ने हाईकोर्ट का रुख किया है। मंगलवार को जब मामला सुनवाई के लिए लगा तो शिकायतकर्ता पक्ष के वकील के अनुरोध पर अदालत ने कार्यवाही स्थगित कर दी और अगली तारीख तय कर दी।