उत्तर प्रदेश सरकार ने बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए एक अहम निर्णय लिया है। अब राज्य में मोटरसाइकिल या स्कूटी खरीदते समय दो हेलमेट लेना अनिवार्य होगा — एक वाहन चालक के लिए और दूसरा पीछे बैठने वाले व्यक्ति के लिए। सरकार का कहना है कि इससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी और सड़क पर सुरक्षा बढ़ेगी।
नए नियम का पालन नहीं करने पर कार्रवाई
अगर कोई बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाता पाया जाता है तो 1,000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा और लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। वाहन विक्रेता भी अब अपने ग्राहकों को दो ISI मार्क वाले हेलमेट उपलब्ध कराना अनिवार्य होंगे। हेलमेट की कीमत वाहन खरीदने वाले को ही चुकानी होगी।
सरकार का उद्देश्य सड़क सुरक्षा बढ़ाना
यूपी परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने राज्य के सभी वाहन डीलरों को निर्देश जारी कर नए नियमों को लागू करने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में मौत के आंकड़े लगातार बढ़ रहे हैं, विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों की। इसी कारण सरकार ने हेलमेट अनिवार्य करने का कड़ा कानून लागू करने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों के पालन को लेकर अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए हैं। इसमें सड़क पर ट्रैफिक सिग्नल, ब्लैक स्पॉट की पहचान, वाहन की रफ्तार पर नियंत्रण और हेलमेट की सख्ती शामिल है।
सुप्रीम कोर्ट और रोड सेफ्टी के निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने 7 अक्टूबर 2025 को एक रिट याचिका पर हेलमेट न पहनने से बढ़ रही मौतों पर चिंता जताई थी। “Road Accidents in India 2023” रिपोर्ट के अनुसार, देश में हुए कुल सड़क हादसों में लगभग 45% दोपहिया वाहनों से जुड़े थे, जिसमें 54,568 लोगों की मौत हुई। सड़क हादसों में हुई कुल मौतों का 70% दोपहिया वाहन चालकों और सह-चालकों के हेलमेट नहीं पहनने के कारण हुई।
परिवहन आयुक्त ने कहा कि हेलमेट अनिवार्य करने से सड़क सुरक्षा बढ़ेगी और दोपहिया वाहन चालकों व उनके पीछे बैठने वालों की जान बचाई जा सकेगी। राज्य सरकार का यह निर्णय सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।