यूपी एसटीएफ ने झारखंड के हजारीबाग में बैंक ऑफ महाराष्ट्र की बरही शाखा में हुई बड़ी डकैती का खुलासा करते हुए शुक्रवार देर रात तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई सारनाथ के सिंहपुर इलाके में की गई, जिसमें झारखंड पुलिस भी शामिल रही।
24 अप्रैल को बैंक से करीब 4 किलो सोना और 4.22 लाख रुपये की नकदी दिनदहाड़े लूट ली गई थी। एसटीएफ ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 912.22 ग्राम सोना, करीब 20 लाख रुपये नकद, बिहार नंबर की एक एसयूवी और छह मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मामले में चार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
वाराणसी एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक विनोद सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में सरगना मो. अफजल (नवादा, बिहार), पंकज सिंह उर्फ रौनक (गोरखपुर) और सौरभ यादव उर्फ सोनू (मऊ) शामिल हैं। पूछताछ में सामने आया कि वारदात के बाद सभी आरोपी झारखंड से बिहार होते हुए वाराणसी पहुंच गए थे और अलग-अलग होटलों में छिपकर रह रहे थे।
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपियों ने बैंक की रेकी पहले से की थी और मौका देखकर डकैती को अंजाम दिया। टीम ने सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उनकी लोकेशन ट्रेस की और फिर मुखबिर की सूचना पर तीनों को गिरफ्तार किया गया। आरोपी दिल्ली भागने की फिराक में थे।
झारखंड पुलिस के अनुरोध पर आरोपियों को दो दिन की ट्रांजिट रिमांड पर भेजा गया है और उन्हें चार मई तक हजारीबाग कोर्ट में पेश किया जाएगा।
पूछताछ में बड़ा खुलासा
जांच में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने ओडिशा में हुई बैंक डकैती की खबर देखकर इस वारदात की योजना बनाई थी। इसके बाद बैंक की स्थिति समझने के लिए कई बार रेकी की गई। गिरोह ने हथियार, बाइक और गाड़ी की व्यवस्था अलग-अलग लोगों के जरिए की थी।
पुलिस के अनुसार, सरगना मो. अफजल पहले हत्या के मामले में जेल जा चुका है, जहां उसकी मुलाकात अन्य अपराधियों से हुई थी। जेल से बाहर आने के बाद उसने एक संगठित गिरोह तैयार किया, जो बैंक डकैती और लूट की वारदातों को अंजाम देता था और लूटे गए पैसों को रियल एस्टेट में निवेश करता था।