हस्तिनापुर क्षेत्र में गेहूं क्रय केंद्रों पर अनियमितताओं के आरोपों को लेकर किसानों में नाराजगी देखने को मिल रही है। इसी मुद्दे को लेकर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के कार्यकर्ताओं ने जिला अध्यक्ष अनुराग चौधरी के नेतृत्व में संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखीं।

किसानों का आरोप है कि क्रय केंद्रों पर छोटे किसानों की उपज की खरीद में लापरवाही बरती जा रही है, जबकि बड़े किसानों को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे छोटे किसान अपनी फसल बेचने के लिए लगातार परेशान हो रहे हैं और उन्हें बार-बार केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

भाकियू के ब्लॉक अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह उर्फ बंटी, उपाध्यक्ष सरदार सुंदर सिंह और सरदार जज सिंह ने बताया कि कई केंद्रों पर किसानों को लंबे समय तक इंतजार कराया जा रहा है और उनकी फसल खरीदने के बजाय टालमटोल किया जा रहा है। गुरप्रीत सिंह ने बताया कि उनकी लगभग 20 एकड़ की गेहूं फसल कट चुकी है, लेकिन अब तक उसे बेच नहीं पाए हैं और फसल घर में ही पड़ी हुई है।

वहीं सुंदर सिंह ने आरोप लगाया कि केवल गेहूं खरीद ही नहीं, बल्कि डीएपी और यूरिया की उपलब्धता में भी अनियमितताएं हैं। किसानों को समय पर खाद नहीं मिल रही, जिससे अगली फसल की तैयारी प्रभावित हो रही है।

किसानों का कहना है कि सरकार भले ही पारदर्शी व्यवस्था का दावा कर रही हो, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति इसके विपरीत है। इस मामले को लेकर जिला अध्यक्ष अनुराग चौधरी ने संबंधित अधिकारियों से बातचीत की है।

उधर, राकेश टिकैत ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनके हितों के साथ किसी भी तरह का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो संगठन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।