मेरठ के कपसाड़ गांव में हुए सनसनीखेज कांड के मुख्य आरोपी पारस सोम को पुलिस ने शनिवार देर रात हिरासत में ले लिया। इसी के साथ मेरठ और सहारनपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने अपहृत युवती रूबी को हरिद्वार से सकुशल बरामद कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. विपिन ताडा के अनुसार आरोपी से पूछताछ जारी है और पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ा जा रहा है।
दिनभर गरमाई राजनीति, सड़कों पर उतरे विपक्षी दल
इस मामले को लेकर शनिवार को जिले में राजनीतिक माहौल बेहद तनावपूर्ण रहा। कई विपक्षी दलों ने कपसाड़ गांव की ओर मार्च करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने सुरक्षा कारणों से किसी भी नेता या कार्यकर्ता को गांव में प्रवेश की अनुमति नहीं दी। समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन, आज़ाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व नगीना सांसद चंद्रशेखर आज़ाद और सपा विधायक अतुल प्रधान अपने समर्थकों के साथ सड़क पर धरने पर बैठ गए। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।
घटना के बाद से लगातार सरकार पर हमलावर विपक्ष
गौरतलब है कि गुरुवार को कपसाड़ गांव में आरोपी पारस सोम ने अपने साथियों के साथ मिलकर महिला सुनीता की हत्या कर दी थी और उनकी बेटी रूबी का अपहरण कर लिया था। घटना के तीन दिन बीतने के बावजूद तब तक न तो आरोपी पकड़े गए थे और न ही युवती का सुराग मिला था, जिससे आक्रोश और बढ़ गया। इसी मुद्दे को लेकर विपक्षी दल लगातार सरकार को घेरते रहे।
शनिवार को पुलिस ने एहतियातन सभी प्रमुख मार्गों और सीमाओं को सील कर दिया। काशी टोल प्लाजा पर सुबह समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन और विधायक अतुल प्रधान को रोक दिया गया। दोनों नेताओं और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद उन्होंने वहीं धरना शुरू कर दिया।
चंद्रशेखर आज़ाद को भी रोका गया, कई नेताओं की पुलिस से बहस
शाम के समय नगीना सांसद चंद्रशेखर आज़ाद गाजियाबाद से बाइक के जरिए काशी टोल प्लाजा तक पहुंचे, जहां भारी पुलिस बल ने बैरिकेडिंग कर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान उनके और पुलिस के बीच हाथापाई जैसी स्थिति बन गई। सांसद ने समर्थकों के साथ मौके पर ही धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
इसी क्रम में सपा विधायक अतुल प्रधान की पत्नी और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान को सिवाया टोल प्लाजा पर रोक लिया गया, जहां उनकी भी पुलिस से तीखी बहस हुई। वहीं, पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे कांग्रेस अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम, राष्ट्रीय सचिव प्रदीप नरवाल और सांसद तनुज पूनिया को भी काशी टोल पर रोक दिया गया। कांग्रेस नेताओं ने करीब तीन घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया।
दूसरी ओर भाजपा के पूर्व विधायक संगीत सोम और नेता सुनील भराला गांव पहुंचे और मृतका सुनीता के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।