मेरठ के सरधना क्षेत्र के गांव कपसाड़ में अनुसूचित जाति की महिला सुनीता की हत्या और उसकी बेटी रूबी के अपहरण के मामले को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस बीच, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान पीड़ित परिवार से मिलने कपसाड़ गांव जा रही थीं।

सूचना के अनुसार, सीमा प्रधान अपने समर्थकों के साथ सिवाया टोल प्लाजा पहुंचीं, जहां पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। रोकने के प्रयास के दौरान मौके पर तनाव पैदा हो गया।

सीमा प्रधान ने पुलिस पर धक्का-मुक्की का आरोप लगाते हुए कहा कि वह शांतिपूर्वक परिवार से मिलने जा रही थीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें जबरन रोका। इसके बाद उन्होंने समर्थकों के साथ टोल प्लाज़ा पर ही धरना दे दिया।

धरने के दौरान समर्थकों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी की मांग की। कुछ समय के लिए टोल प्लाजा पर यातायात भी प्रभावित रहा।

सूचना मिलने पर मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। अधिकारियों ने कहा कि संवेदनशील माहौल और सुरक्षा कारणों से यह कदम उठाया गया और स्थिति पर पूरी तरह नजर रखी जा रही है।