मेरठ के सेंट्रल मार्केट इलाके में संभावित ध्वस्तीकरण कार्रवाई की चर्चाओं ने शनिवार को माहौल को गर्मा दिया। आवास एवं विकास परिषद की ओर से जेसीबी मशीनों और भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बाद क्षेत्र में हलचल बढ़ गई, जिससे स्थानीय निवासियों और व्यापारियों में चिंता का माहौल बन गया।
जेसीबी और पुलिस बल की तैनाती से बढ़ी चिंता
शनिवार को परिषद कार्यालय के बाहर अचानक गतिविधियां बढ़ने लगीं और लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। जेसीबी मशीनों की तैनाती और पुलिस बल की मौजूदगी से ध्वस्तीकरण की आशंका और मजबूत हो गई। जैसे-जैसे यह खबर फैली, प्रभावित परिवारों और व्यापारियों में बेचैनी बढ़ती चली गई। कानून-व्यवस्था को देखते हुए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया।
मामला सुप्रीम कोर्ट के आदेश से जुड़ा
सूत्रों के अनुसार, सेंट्रल मार्केट क्षेत्र में आवासीय भवनों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों का मामला पहले से ही न्यायालय में विचाराधीन है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 8 अप्रैल को ऐसे निर्माणों और गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई से संबंधित आदेश जारी किए थे। इसके बाद से आवास विकास परिषद और प्रशासन न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन की प्रक्रिया में जुटे हैं।
14 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
इस प्रकरण की अगली सुनवाई 14 जुलाई को निर्धारित है। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक किसी बड़े ध्वस्तीकरण अभियान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन जमीनी स्तर पर बढ़ी गतिविधियों ने लोगों की चिंता जरूर बढ़ा दी है। प्रभावित लोगों का कहना है कि वे न्यायिक प्रक्रिया से समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।
लोगों में बनी अनिश्चितता
इलाके के निवासियों और व्यापारियों के बीच स्थिति को लेकर असमंजस बना हुआ है। कुछ लोगों का कहना है कि सुनवाई से पहले किसी भी तरह की कार्रवाई की आशंका उन्हें परेशान कर रही है। वहीं प्रशासन का कहना है कि आगे की सभी कार्रवाई अदालत के निर्देशों के अनुसार ही की जाएगी।