मेरठ: सदर बाजार क्षेत्र से सामने आया एक मामला अंधविश्वास और मानसिक असंतुलन की गंभीर तस्वीर पेश करता है। यहां एक व्यक्ति ने अपनी बेटी की मौत के बाद कई दिनों तक उसका शव घर में ही रखा और बाद में उसे वहीं छोड़कर हरिद्वार चला गया।

जानकारी के अनुसार, उदयभान नामक व्यक्ति की बेटी प्रियंका की मौत के बाद उसने करीब पांच दिन तक शव को घर में ही रखा। इस दौरान बदबू छिपाने के लिए उसने पानी की टंकी खुली छोड़ दी। इसके बाद वह बिना किसी को बताए हरिद्वार चला गया, जहां वह अलग-अलग धर्मशालाओं में रहकर करीब चार महीने तक गायब रहा।

काफी समय बाद जब वह वापस लौटा तो परिवार के लोगों को शक हुआ। उन्होंने उसे पकड़कर प्रियंका के बारे में पूछा, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। पूछताछ में उदयभान ने बताया कि उसने एक पंडित से बात की थी, जिसने अंतिम संस्कार के लिए करीब आठ हजार रुपये खर्च बताये थे। इसी वजह से वह पैसे की व्यवस्था करने मेरठ लौटा था।

परिजनों का कहना है कि उदयभान पहले से ही परिवार से अलग-थलग रहता था। पत्नी की मौत के बाद उसने रिश्तेदारों से दूरी बना ली थी और अपनी बेटी को भी परिवार के अन्य लोगों से मिलने नहीं देता था।

जांच में यह भी सामने आया कि उदयभान अंधविश्वास के प्रभाव में था। उसे शक था कि उसके भाई के परिवार ने उसकी बेटी पर तांत्रिक क्रिया करवाई है, जिसके चलते उसने डॉक्टर की बजाय एक मौलाना से संपर्क किया। पुलिस के अनुसार, मौलाना ने पूछताछ में बताया कि उसे प्रियंका की मौत की जानकारी नहीं थी, हालांकि इलाज की बात जरूर हुई थी।

बताया जा रहा है कि करीब 13 साल पहले उदयभान की पत्नी ने आत्महत्या कर ली थी। वहीं, हाल के दिनों में वह अपने भतीजे को भी गुमराह करता रहा। अंततः परिजनों की सतर्कता से पूरे मामले का खुलासा हुआ और पुलिस अब मामले की जांच में जुटी है।