मेरठ: गैस सिलेंडर की बुकिंग के बाद करीब 20 दिनों तक डिलीवरी न मिलने से नाराज एक शिक्षक ने मंगलवार शाम कालंद चुंगी स्थित भारत गैस एजेंसी पर जमकर हंगामा किया। इसी दौरान उन्होंने सल्फास की गोलियां खाकर आत्महत्या का प्रयास भी किया, लेकिन मौके पर मौजूद एजेंसी कर्मचारियों ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए उनके हाथ से गोलियां छीन लीं और एक बड़ा हादसा टल गया।
बुकिंग के बाद भी नहीं मिली डिलीवरी
सरधना क्षेत्र के महादेव गांव निवासी कृष्ण स्वरूप त्यागी, जो दशरथपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय में शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं, ने 4 अप्रैल को गैस सिलेंडर की बुकिंग कराई थी। दो सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उन्हें सिलेंडर नहीं मिला। इस दौरान उन्होंने कई बार एजेंसी के चक्कर लगाए, लेकिन हर बार उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
डिलीवरी मैसेज ने बढ़ाई नाराजगी
शिक्षक का कहना है कि उन्हें तब और ज्यादा परेशानी हुई जब उनके मोबाइल पर सिलेंडर डिलीवरी का मैसेज आ गया, जबकि वास्तविक रूप से उन्हें कोई गैस सिलेंडर प्राप्त नहीं हुआ था। इसी बात से आक्रोशित होकर वह मंगलवार शाम सल्फास की गोलियां लेकर सीधे एजेंसी पहुंच गए।
वहां उन्होंने गैस सिलेंडर की कथित कालाबाजारी का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया और आत्मघाती कदम उठाने की कोशिश की।
कर्मचारियों ने बचाई जान
घटना के दौरान मौजूद एजेंसी कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए शिक्षक के हाथ से सल्फास की गोलियां छीन लीं और उन्हें शांत कराया। कर्मचारियों ने उन्हें जल्द सिलेंडर उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद वह शांत हुए।
एजेंसी का पक्ष
इस मामले में एजेंसी प्रबंधक नितिन का कहना है कि उपभोक्ता के नाम पर दो गैस कनेक्शन दर्ज थे, जिनमें से एक किसी तकनीकी कारण से ब्लॉक हो गया था। इसी वजह से डिलीवरी प्रक्रिया में देरी हुई। उन्होंने बताया कि समस्या का समाधान कर जल्द ही उपभोक्ता को सिलेंडर उपलब्ध करा दिया जाएगा।