मेरठ के चर्चित कपसाड़ प्रकरण में मुख्य आरोपी पारस सोम की उम्र तय करने से जुड़ी न्यायिक कार्यवाही एक बार फिर आगे बढ़ गई है। शनिवार को एससी-एसटी एक्ट की विशेष अदालत में इस मुद्दे पर सुनवाई प्रस्तावित थी, लेकिन पीड़ित पक्ष की ओर से अतिरिक्त समय की मांग किए जाने के कारण मामला स्थगित कर दिया गया।

पीड़िता रूबी की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि आरोपी की उम्र से जुड़े अहम दस्तावेज अभी जुटाए जा रहे हैं। इसमें हाईस्कूल का प्रमाण पत्र ही नहीं, बल्कि प्राथमिक कक्षाओं तक के शैक्षिक रिकॉर्ड भी शामिल हैं। इन साक्ष्यों को प्रस्तुत करने के लिए समय मांगा गया।

अदालत ने अधिवक्ता की दलील पर विचार करते हुए तीन दिन का समय दिया और अगली सुनवाई की तारीख 3 फरवरी तय कर दी।

घटना की पृष्ठभूमि
यह मामला 8 जनवरी का है, जब सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में रूबी का कथित रूप से अपहरण किया गया था। घटना का विरोध करने पर रूबी की मां सुनीता पर फरसे से हमला किया गया, जिससे उनकी मौत हो गई थी। इस वारदात के बाद मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया था।

न्यायिक हिरासत में आरोपी
मुख्य आरोपी पारस सोम फिलहाल जेल में बंद है। उसके परिजनों ने अदालत में आवेदन देकर उसे नाबालिग घोषित किए जाने की मांग की है। इसी आवेदन पर अदालत में सुनवाई चल रही है।