उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में चल रहे कथित धर्मांतरण के मामले में पुलिस ने एक सिपाही समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। मामले में पकड़े गए सिपाही इरशाद खां जिम “आयरन फायर” के संचालन में शामिल थे। जिम का प्रत्यक्ष संचालन फरीद अहमद करता था, जिसे पुलिस ने सुबह मुठभेड़ में गिरफ्तार किया, जिसमें उसे बाएं पैर में गोली लगी।

सिपाही की भूमिका:
डीआईजी सोमेन बर्मा ने बताया कि इरशाद खां वर्तमान में माधोसिंह रेलवे स्टेशन पर जीआरपी में तैनात हैं। गाजीपुर के गहमर निवासी इरशाद पिछले कई वर्षों से जिम में शामिल थे। कागजों पर जिम का मालिक फरीद अहमद था, जो वहां ट्रेनर के रूप में कार्य करता था। इरशाद ड्यूटी के बाद जिम में आता था और जिम का संचालन देखता था। उनका परिवार मिर्जापुर में ही रहता है।

जिम में बनाते थे जाल:
फरीद अहमद जिम में आने वाली लड़कियों से दोस्ती करता, प्रेम जाल में फंसाकर उनका वीडियो बनाता और फिर उसे ब्लैकमेल करके धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालता था। पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान फरीद को खड़ंजा फाल के पास से पकड़ा गया।

यह मामला मिर्जापुर में एक बड़े धर्मांतरण नेटवर्क की सक्रियता को उजागर करता है और सिपाही की संलिप्तता के खुलासे के बाद पुलिस इसकी गंभीरता से जांच कर रही है।