पीलीभीत जनपद के नेपाल सीमा से लगे भरतपुर गांव में उपनिवेशन की जमीन पर बने धार्मिक ढांचे को लेकर प्रशासन की कार्रवाई के बाद, पांच पट्टाधारकों और गांव के प्रधान ने स्वयं उस निर्माण को हटाना शुरू कर दिया है। कुछ दिन पहले प्रशासन ने उन्हें नोटिस जारी कर 14 दिनों के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया था।
प्रदेश सरकार ने बंजर, तालाब, नवीन परती जैसी जमीनों पर बने धार्मिक स्थलों और अतिक्रमण की रिपोर्ट मांगी है। इसी संबंध में पूरनपुर तहसील क्षेत्र में लेखपालों से उनके क्षेत्रों की स्थिति पर रिपोर्ट तलब की जा रही है।
हजारा थाना अंतर्गत नेपाल सीमा से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित भरतपुर गांव में उपनिवेशन की जमीन पर मस्जिद बनाए जाने की सूचना हाल ही में सीमा पर पहुंचे अधिकारियों को प्राप्त हुई थी। राजस्व विभाग को जांच सौंपी गई, जिसमें पुष्टि हुई कि उक्त जमीन पर मस्जिद बनाई गई थी और वहां नमाज भी पढ़ी जा रही थी।
खेती योग्य जमीन पर नियमों के विरुद्ध निर्माण
तहसीलदार हबीबउर रहमान के अनुसार, यह भूमि वर्षों पूर्व लोगों को खेती के उद्देश्य से पट्टे पर दी गई थी, लेकिन नियमों का उल्लंघन करते हुए वहां मस्जिद का निर्माण कर लिया गया।
उन्होंने बताया कि पांचों पट्टाधारकों और ग्राम प्रधान को नोटिस जारी किया गया, जिसके बाद संबंधित लोगों ने स्वयं निर्माण हटाना शुरू कर दिया।
ग्राम प्रधान शमशेर ने बताया कि एक पट्टाधारक द्वारा मस्जिद का कुछ हिस्सा तोड़ा गया है और नोटिस मिलने के बाद वहां की सभी धार्मिक गतिविधियां भी रोक दी गई थीं। तहसील प्रशासन ने इस कार्यवाही की पुष्टि के लिए राजस्व कर्मचारियों को मौके पर भेजा है।