मुजफ्फरनगर में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव और पूर्व मंत्री रामआसरे वर्मा ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा राजनीतिक प्रहार करते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने साफ कहा कि समाजवादी पार्टी में किसी तरह की टूट की बातें केवल अफवाह हैं, जबकि असल स्थिति इसके उलट है और भाजपा के भीतर असंतोष लगातार बढ़ रहा है।

प्रेस वार्ता के दौरान रामआसरे वर्मा ने दावा किया कि आने वाले समय में भाजपा के कई विधायक और नेता पार्टी से दूरी बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि “टूट समाजवादी पार्टी में नहीं, बल्कि भाजपा में देखने को मिलेगी।”


उन्होंने भाजपा सरकार पर पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक (PDA) वर्ग के अधिकारों पर कुठाराघात करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि केंद्र और प्रदेश की सरकारें जनता से किए गए वादों को पूरा करने में पूरी तरह विफल रही हैं और केवल प्रचार के सहारे सत्ता चला रही हैं।

रामआसरे वर्मा ने बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक तंगी को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि रोजगार के बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर युवाओं को अवसर नहीं मिल पा रहे हैं। कुटीर और छोटे उद्योगों के कमजोर होने से गरीब और मजदूर वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है।


उन्होंने किसानों की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि आय दोगुनी करने का दावा भी केवल कागजों तक सीमित रह गया है। कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराध और अत्याचार के मामले बढ़े हैं और कमजोर वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है।

भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और बार-बार परीक्षा रद्द होने के मामलों को लेकर भी उन्होंने सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि इससे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है और बेरोजगार युवा खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

इस मौके पर कई वरिष्ठ सपा नेता भी मौजूद रहे, जिनमें सांसद हरेंद्र मलिक, सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी, महानगर अध्यक्ष बॉबी त्यागी, राजकुमार यादव, गोल्डी अहलावत, युधिष्ठर पहलवान और सलीम मलिक सहित अन्य नेता शामिल रहे।