मुजफ्फरनगर। रुड़की रोड स्थित इंडियन हॉस्पिटल में प्रसूता के उपचार को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। गर्भस्थ शिशु की मौत के बाद अस्पताल में भर्ती कराई गई महिला की तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर शनिवार को अस्पताल परिसर में हंगामा हुआ, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा।

जानकारी के अनुसार, पुरकाजी क्षेत्र के कैल्लनपुर गांव निवासी अरविंद अपनी गर्भवती पत्नी सोनम को 18 जून को इलाज के लिए अस्पताल लेकर आए थे। परिजनों का कहना है कि जांच के दौरान अस्पताल की ओर से शिशु की स्थिति चिंताजनक बताई गई, जिसके बाद महिला को भर्ती कर लिया गया। बाद में ऑपरेशन किया गया, लेकिन नवजात मृत अवस्था में पैदा हुआ।

परिवार का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद भी प्रसूता की स्थिति में लगातार गिरावट आती रही, जबकि समय रहते आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं। हालत अधिक गंभीर होने पर महिला को मेरठ के एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया, जहां उसका उपचार जारी है।

घटना की सूचना मिलने पर अखिल भारतीय हिंदू शक्ति दल के कार्यकर्ता भी अस्पताल पहुंचे और मामले की जांच तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। संगठन के पदाधिकारियों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम भी अस्पताल पहुंची। डिप्टी सीएमओ डॉ. अजय कुमार और डॉ. महक सिंह ने अस्पताल के अभिलेखों, उपचार संबंधी दस्तावेजों और चिकित्सकीय प्रक्रिया की प्रारंभिक जांच की। साथ ही संबंधित डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन से जानकारी ली गई।

डिप्टी सीएमओ डॉ. अजय कुमार ने बताया कि संबंधित चिकित्सकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक स्तर पर कुछ बिंदुओं पर स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया है। पूरे मामले की जांच के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों का मेडिकल बोर्ड गठित किया जाएगा, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

उधर, पीड़ित परिवार ने सिविल लाइन थाने में शिकायत देकर अस्पताल प्रबंधन और उपचार से जुड़े चिकित्सकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मामले की जांच जारी है और स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।