मुजफ्फरनगर। चरथावल ब्लॉक के सिकंदरपुर गांव में प्रस्तावित शराब ठेके के विरोध ने शनिवार को बड़ा रूप ले लिया। ग्रामीणों के आक्रोश के चलते पूरे इलाके में तनावपूर्ण माहौल बन गया, जब बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष, बच्चे और किसान मौके पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गए।
गुस्साए ग्रामीणों ने निर्माणाधीन ठेके की दीवारों को नुकसान पहुंचाते हुए ईंटें उखाड़कर सड़क पर फेंक दीं और मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर धरने पर बैठ गए। देखते ही देखते प्रदर्शन में पूरे गांव की भागीदारी नजर आई और स्थिति पूरी तरह आंदोलन में बदल गई।

धरने का नेतृत्व भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के मंडल प्रभारी ठाकुर कुशलवीर सिंह ने किया। उनके साथ भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के एनसीआर अध्यक्ष विकास शर्मा भी ग्रामीणों के समर्थन में पहुंचे। दोनों किसान नेताओं ने स्पष्ट कहा कि गांव की सहमति के बिना किसी भी हालत में शराब का ठेका शुरू नहीं होने दिया जाएगा।
विकास शर्मा ने सरकार की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक ओर नशा मुक्त भारत की बात की जाती है, वहीं दूसरी ओर गांवों में शराब के ठेके खोलकर युवाओं को नशे की ओर धकेला जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ग्रामीणों के साथ किसी तरह की जोर-जबरदस्ती की गई तो किसान संगठन बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होगा।
वहीं ठाकुर कुशलवीर सिंह ने इसे केवल ठेके का विरोध नहीं बल्कि गांव की सामाजिक संरचना और युवा पीढ़ी के भविष्य की रक्षा की लड़ाई बताया। उन्होंने कहा कि जब तक प्रशासन लिखित रूप से ठेका निरस्त नहीं करता, आंदोलन जारी रहेगा।

सूचना मिलने पर आबकारी निरीक्षक नगर अनिल कुमार और चरथावल थाना प्रभारी सत्यनारायण दहिया पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों और किसान नेताओं से बातचीत कर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया।
वार्ता के दौरान आबकारी विभाग ने आश्वासन दिया कि ग्रामवासियों की सहमति के बिना सिकंदरपुर में शराब का ठेका संचालित नहीं किया जाएगा। इसके बाद ग्रामीणों ने ज्ञापन तैयार कर जिलाधिकारी के नाम आबकारी निरीक्षक को सौंप दिया और फिलहाल आंदोलन स्थगित करने पर सहमति बनी।