पंजाब विधानसभा ने सोमवार को ‘जागत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक-2026’ को मंजूरी दे दी। विधेयक अब अंतिम स्वीकृति के लिए राज्यपाल के पास भेजा जाएगा।
सदन की शुरुआत श्रद्धांजलि के साथ
सत्र की शुरुआत में विधानसभा ने प्रसिद्ध गायिका आशा भोंसले को श्रद्धांजलि दी। साथ ही वृंदावन में हुए नाव हादसे में जान गंवाने वालों को भी याद करते हुए सदन में दो मिनट का मौन रखा गया।
विपक्ष ने उठाया जीरो ऑवर का मुद्दा
इसके बाद नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा ने जीरो ऑवर की मांग उठाते हुए कहा कि विधायकों को अपने मुद्दे उठाने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने राज्य में कानून-व्यवस्था और नशे के मुद्दे पर चर्चा की मांग भी रखी।
इस पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि जब सदन बुलाया जाता है तो विपक्ष अक्सर वॉकआउट करता है, जबकि आज उसी सत्र को बढ़ाने की मांग की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह सत्र विशेष रूप से बेअदबी से जुड़े विधेयक के लिए ही समर्पित है।
सरकार ने पेश किया संशोधन बिल
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सदन में बेअदबी रोकथाम से संबंधित संशोधन विधेयक पेश किया, जिसके बाद उस पर विस्तृत चर्चा शुरू हुई।
कैबिनेट मंत्री हरजोत बैंस ने कहा कि पिछली सरकारों के पास मौका होने के बावजूद इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने कहा कि नए प्रावधानों के तहत जांच प्रक्रिया को अधिक सख्त और सीमित दायरे में रखा गया है, जिसमें निचले स्तर के अधिकारी जांच नहीं कर सकेंगे।
विधायक इंदरबीर सिंह निज्जर ने बिल का समर्थन करते हुए कहा कि पहले सख्त कानून न होने के कारण आरोपी बच निकलते थे, लेकिन अब स्थिति बदलेगी।
विपक्ष की आपत्तियां
प्रताप बाजवा ने सवाल उठाया कि क्या इस बिल पर संवैधानिक विशेषज्ञों की राय सार्वजनिक की गई है और चयन समिति की सिफारिशों को भी सामने लाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पहले किए गए राजनीतिक वादों पर भी सवाल उठते हैं।
वित्त मंत्री का जवाब
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पूर्व में भी इस मुद्दे पर गलत जानकारी फैलाई गई। उन्होंने कहा कि संशोधन विधेयक पहले से मौजूद कानून को मजबूत करने के लिए लाया गया है, जिसे 2008 में पहले ही मंजूरी मिल चुकी थी।