मुजफ्फरनगर जिला अस्पताल में तीन वर्षीय मासूम बच्ची पर आवारा कुत्तों के हमले के बाद मंगलवार को समाजवादी पार्टी के सांसद हरेंद्र मलिक ने अस्पताल पहुंचकर बच्ची का हालचाल जाना। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर घटना पर गहरी चिंता जताई और अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।
सांसद हरेंद्र मलिक ने कहा कि अस्पताल में भर्ती मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना पूरी तरह स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन आवारा कुत्तों की समस्या को नियंत्रित करने में सक्षम नहीं है तो उसे उच्च अधिकारियों को इसकी स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए। उन्होंने इस घटना को बेहद गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि किसी भी मरीज, विशेषकर बच्चों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता।

अस्पताल की व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए सांसद ने आरोप लगाया कि लंबे समय से उन्हें जिला अस्पताल में भ्रष्टाचार, अव्यवस्था और मरीजों के साथ खराब व्यवहार की शिकायतें मिलती रही हैं। उन्होंने कहा कि कुत्तों के हमले की घटना ने इन खामियों को और उजागर कर दिया है।
इस दौरान सांसद ने प्रदेश सरकार के मंत्री कपिल देव अग्रवाल के हालिया बयानों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार के पास संसाधन और अधिकार दोनों हैं, ऐसे में सुधार कार्यों में देरी की कोई वजह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल घोषणाओं से जनता को राहत नहीं मिलेगी, बल्कि जमीनी स्तर पर बदलाव दिखाई देना चाहिए।

सांसद ने जोर देकर कहा कि जिला अस्पताल में मरीजों को सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक वातावरण मिलना चाहिए और प्रशासन को इस दिशा में तुरंत प्रभावी कदम उठाने होंगे। घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गया है।