मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा ई-पंजीकरण प्रणाली और रजिस्ट्री कार्यालयों के कथित निजीकरण के प्रस्ताव के विरोध में मंगलवार को जानसठ क्षेत्र के अधिवक्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने निबंधन कार्यालयों में तालाबंदी कर अपना विरोध दर्ज कराया, जिससे रजिस्ट्री से जुड़े सभी कार्य पूरी तरह ठप रहे।
जानसठ तहसील बार एसोसिएशन ने इस मुद्दे को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए 16 और 17 जून 2026 को न्यायिक कार्यों और रजिस्ट्री कार्य से पूर्ण रूप से विरत रहने की घोषणा की है। इसके साथ ही अधिवक्ताओं ने कलमबंद हड़ताल शुरू कर दी है।

अधिवक्ताओं का कहना है कि ई-पंजीकरण व्यवस्था को निजी क्षेत्र के हाथों में सौंपने का प्रस्ताव जनहित और अधिवक्ता हित दोनों के खिलाफ है। उनका मानना है कि इससे पारदर्शिता प्रभावित होगी और पूरी व्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ेगा।
विरोध प्रदर्शन के दौरान निबंधन कार्यालयों में पूरी तरह तालाबंदी रही, जिसके कारण संपत्ति रजिस्ट्री से जुड़े सभी कार्य बाधित हो गए। हड़ताल के चलते न्यायालयों में भी नियमित कामकाज प्रभावित हुआ।

अधिवक्ताओं ने यह भी कहा कि प्रदेश के कई हिस्सों में इस प्रस्ताव के खिलाफ आंदोलन चल रहा है और बड़ी संख्या में अधिवक्ता इसमें शामिल हैं। उन्होंने सरकार से इस प्रस्ताव को तुरंत वापस लेने की मांग की है।
साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा।