मुजफ्फरनगर के खालापार क्षेत्र में जमीन पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर कब्जा करने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। पीड़ित फजल अहमद ने दावा किया है कि उनकी पुश्तैनी जमीन पर कुछ लोगों द्वारा जबरन कब्जे की कोशिश की जा रही है और विरोध करने पर उन्हें व उनके परिवार को धमकाया जा रहा है।

फजल अहमद के अनुसार, उनके घर के पास स्थित प्लॉट का वैध बैनामा वर्ष 1980 में उनके नाम हुआ था और तभी से वे उस जमीन पर काबिज हैं। उनका आरोप है कि 26 जनवरी 2026 को क्षेत्र के ही शादाब नामक व्यक्ति ने कथित तौर पर उस प्लॉट के एक हिस्से का फर्जी बैनामा अपनी पत्नी के नाम करा लिया। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी का संबंध एक कुख्यात गैंगस्टर से बताया जाता है, जिसके चलते इलाके में दहशत का माहौल बनाया जा रहा है।


पीड़ित का कहना है कि 9 फरवरी 2026 को शादाब अपने कुछ साथियों के साथ मौके पर पहुंचा और विरोध करने पर फजल अहमद तथा उनकी दिव्यांग पत्नी सलमा के साथ मारपीट की गई। इसके बाद दोनों को कथित रूप से प्लॉट से बाहर निकाल दिया गया। फजल अहमद ने बताया कि घटना का वीडियो उनके पास मौजूद है, लेकिन पुलिस की ओर से न तो मेडिकल कराया गया और न ही मुकदमा दर्ज किया गया।

आरोप है कि घटना के बाद दबंगों ने विवादित जमीन पर निर्माण कार्य भी शुरू करा दिया। स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने पर पीड़ित ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दरबार में पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और गोरखपुर में उनसे मुलाकात कर पूरी स्थिति से अवगत कराया।

फजल अहमद का कहना है कि मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश के बाद एक जांच टीम मौके पर पहुंची, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य नहीं रोका गया। पीड़ित परिवार ने अब मामले की निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है।