मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन ने बुधवार को महिला आरक्षण बिल-2026 और नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध को लेकर INDIA गठबंधन की कड़ी आलोचना की। संगठन का कहना है कि कांग्रेस, सपा, टीएमसी, राजद और डीएमके जैसे दल महिलाओं को उनके संवैधानिक अधिकार और राजनीतिक भागीदारी से वंचित रखना चाहते हैं।
कार्यक्रम में नगरपालिका चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं, जहां व्यापारियों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को 33 प्रतिशत राजनीतिक आरक्षण देने की दिशा में एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे इस कानून का विरोध करके अपनी “महिला विरोधी सोच” को उजागर कर रहे हैं।
व्यापार संगठन ने अपने प्रस्ताव में कहा कि महिला आरक्षण सिर्फ एक राजनीतिक विषय नहीं है, बल्कि यह देश की आधी आबादी के सम्मान, समानता और अधिकारों से जुड़ा हुआ मुद्दा है। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष के कई नेता समय-समय पर महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते रहे हैं, और इस बिल का विरोध उसी मानसिकता को दर्शाता है।
वक्ताओं ने कहा कि निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से समाज और देश दोनों को मजबूती मिलेगी। उन्होंने केंद्र सरकार के इस कदम को दूरदर्शी और ऐतिहासिक निर्णय बताते हुए इसका समर्थन किया।
साथ ही सरकार से मांग की गई कि इस अधिनियम को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए और निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जाए।
अंत में संगठन ने यह भी घोषणा की कि इस निंदा प्रस्ताव को राज्यपाल को भेजा जाएगा। कार्यक्रम के दौरान व्यापारियों ने “सशक्त नारी, सशक्त राष्ट्र” के नारों के साथ महिला सशक्तिकरण के प्रति अपनी एकजुटता व्यक्त की।