मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 तक समय बचा है, लेकिन भाजपा में पहले ही अंदरूनी खींचतान और आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया है। खतौली के पूर्व विधायक विक्रम सैनी ने पार्टी के जिलाध्यक्ष सुधीर सैनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्हें और अन्य पूर्व विधायकों को किसी प्रकार के काम या जिम्मेदारी नहीं सौंपी जा रही है। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
जानकारी के अनुसार, दो दिन पहले लखनऊ स्थित भाजपा कार्यालय से विक्रम सैनी को फोन आया, जिसमें खतौली विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर (Systematic Internal Review) की प्रगति और उनके द्वारा किए गए कामों की जानकारी मांगी गई। इस पर पूर्व विधायक ने जिलाध्यक्ष पर आरोप लगाया कि वे न सिर्फ पूर्व विधायकों और पूर्व जिलाध्यक्षों की अनदेखी कर रहे हैं, बल्कि खुद चुनावी फायदे के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने सुधीर सैनी को “पूर्व मंत्री का चमचा” तक बता दिया।
विक्रम सैनी ने कहा कि एसआईआर का काम वे और अन्य पूर्व विधायक प्रमोद उटवाल और उमेश मलिक मिलकर कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिलाध्यक्ष अपने व्यक्तिगत राजनीतिक उद्देश्य के लिए पुराने नेताओं को नजरअंदाज कर रहे हैं।
वहीं, भाजपा जिलाध्यक्ष सुधीर सैनी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि “विक्रम सैनी अपनी बुद्धि के अनुसार कुछ भी कह सकते हैं। पार्टी का काम हाईकमान तय करता है, चुनावी टिकट और उम्मीदवारों का निर्णय उन्हीं का है। मेरा काम सिर्फ संगठन का संचालन करना है।”
इस बयानबाजी के बाद खतौली में भाजपा में अंदरूनी मतभेद और नेतृत्व पर सवाल उठने लगे हैं।