मुजफ्फरनगर। नए शैक्षणिक सत्र 2026–27 के मद्देनज़र जिले के निजी विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके साथ ही आरटीई के अंतर्गत भी दाखिलों की कार्यवाही चल रही है। इसी क्रम में माध्यमिक शिक्षा विभाग ने अभिभावकों को महंगी पुस्तकों से राहत दिलाने की दिशा में अहम कदम उठाया है। विभाग ने एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों की बिक्री के लिए अधिकृत पुस्तक विक्रेताओं की सूची सार्वजनिक कर दी है, जिससे अभिभावकों को भ्रमित किए जाने की संभावना समाप्त हो सके।

शिक्षा विभाग का उद्देश्य है कि स्कूलों में अनावश्यक रूप से निजी प्रकाशनों की महंगी किताबें न बेची जाएं और अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव न पड़े। इसी को ध्यान में रखते हुए एनसीईआरटी की पुस्तकों को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। इसके लिए अधिकृत बुक सेलरों के नाम डीआईओएस कार्यालय के माध्यम से विद्यालयों को भेजे गए हैं।

संयुक्त शिक्षा निदेशक, सहारनपुर मंडल राणा सहसांशु सुमन द्वारा जिले में सात पुस्तक विक्रेताओं को अधिकृत किया गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश श्रीवास ने बताया कि इन बुक डिपो की सूची माध्यमिक एवं सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को उपलब्ध करा दी गई है, ताकि प्रवेश के समय अभिभावकों को सही जानकारी दी जा सके।

जिले में जिन पुस्तक विक्रेताओं को एनसीईआरटी पुस्तकों की बिक्री के लिए अधिकृत किया गया है, उनमें वीर बुक डिपो मुजफ्फरनगर, रामजी एंड सन्स खतौली, जीएस इंटरप्राइजेज, अग्रवाल बुक सेलर, अशोक वर्मा अग्रवाल जानसठ, क्वालिटी बुक डिपो खतौली तथा एजुकेशन ट्रेडर्स शामिल हैं।

शिक्षा विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और अभिभावकों को तय कीमत पर मानक पाठ्यपुस्तकें आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।