मुजफ्फरनगर। पिछले करीब तीन महीनों से वेतन न मिलने से परेशान नगर पालिका के आउटसोर्स सफाई कर्मचारियों का गुस्सा रविवार को खुलकर सामने आ गया। दर्जनों कर्मचारी नगर पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप के आवास पर पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया। कर्मचारियों ने बताया कि वेतन न मिलने के कारण उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

सफाई कर्मचारियों ने बताया कि ईपीएफ से जुड़े घोटाले के चलते कुल 397 आउटसोर्स कर्मियों का वेतन अटका हुआ है। इनमें 369 सफाई कर्मचारी और 28 वाहन चालक शामिल हैं। नगर पालिका में आउटसोर्स व्यवस्था के तहत काम कर रहे इन कर्मचारियों को नवंबर, दिसंबर और जनवरी माह का वेतन अब तक नहीं मिल पाया है, जिससे उनके परिवारों की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है।

जानकारी के अनुसार, नगर पालिका को सफाई कर्मचारियों की आपूर्ति करने वाली दो निजी ठेकेदार फर्मों पर बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। जांच में सामने आया है कि अलर्ट सिक्योरिटास प्राइवेट लिमिटेड नामक फर्म ने कर्मचारियों के भविष्य निधि (ईपीएफ) के नाम पर फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत किए। फर्म ने 17 लाख 4 हजार 357 रुपये की ईपीएफ राशि जमा करने का दावा किया, जबकि वास्तव में केवल 69 हजार 494 रुपये ही जमा किए गए।

घोटाले का खुलासा होने के बाद संबंधित फर्मों के भुगतान पर रोक लगा दी गई, जिसके चलते कर्मचारियों का वेतन भी रुक गया। वेतन न मिलने से आक्रोशित कर्मचारियों ने सफाई कर्मचारी संघ के महामंत्री मिलन कुमार, राजकुमार बेनीवाल, सोनू बेनीवाल और पाल्लेराम के नेतृत्व में पटेलनगर पहुंचकर नगर पालिका अध्यक्ष से मुलाकात की और अपनी समस्या रखी।

नगर पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि जल्द ही बोर्ड बैठक बुलाकर वेतन भुगतान से संबंधित प्रस्ताव पारित कराया जाएगा, ताकि लंबित वेतन का भुगतान शीघ्र किया जा सके। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के हितों की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी और समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।