यूपी बोर्ड के नतीजे घोषित होते ही जिले में खुशी का माहौल देखने को मिला। इस बार हाईस्कूल में कुंवर जगदीश प्रसाद इंटर कॉलेज के छात्र वंश सैनी ने 96.83 प्रतिशत अंक हासिल कर जिला टॉप किया। वहीं इंटरमीडिएट में दयानंद गुरुकुल इंटर कॉलेज, बिरालसी के छात्र आर्यन पुंडीर 90.40 प्रतिशत अंक के साथ पहले स्थान पर रहे।

इस साल टॉप-10 मेरिट में कड़ा मुकाबला देखने को मिला, जिसमें कुल 32 छात्र-छात्राओं ने जगह बनाई। भले ही टॉप स्थानों पर छात्रों का दबदबा रहा, लेकिन मेरिट सूची में छात्राओं ने भी शानदार प्रदर्शन किया। वंश सैनी को प्रदेश स्तर की मेरिट में 19वां स्थान मिला है। उन्होंने कुल 581 अंक प्राप्त किए। सरस्वती शिशु मंदिर, केशवपुरी की पलक सैनी 94.33 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि आर्य एकेडमी इंटर कॉलेज, शाहपुर की शिया 93.67 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।
इंटरमीडिएट में आर्यन पुंडीर ने 452 अंक हासिल कर जिला टॉप किया। दूसरे स्थान पर जनता इंटर कॉलेज, भोपा की छात्रा सानवी और लाला जगदीश प्रसाद एसवीएम इंटर कॉलेज के छात्र हर्षित जैन संयुक्त रूप से रहे, जिन्होंने 90 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। तीसरे स्थान पर डीएवी पब्लिक स्कूल, बुढ़ाना के निशांत कश्यप और दयानंद इंटर कॉलेज, बुढ़ाना के वंश सिंघल रहे, दोनों ने 89.40 प्रतिशत अंक हासिल किए।
जिले के परीक्षा परिणाम की बात करें तो इंटरमीडिएट में कुल 27,307 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 26,595 ने परीक्षा दी और 22,314 उत्तीर्ण हुए। इस प्रकार कुल परिणाम 83.90 प्रतिशत रहा, जिससे जिले को प्रदेश में 26वां स्थान मिला। हाईस्कूल में 29,156 छात्रों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 27,941 परीक्षा में शामिल हुए और 25,345 पास हुए। हाईस्कूल का परिणाम 90.71 प्रतिशत रहा और प्रदेश में जिले को 36वां स्थान मिला। पिछले साल के मुकाबले इस बार हाईस्कूल के परिणाम में गिरावट दर्ज की गई, जबकि इंटर में स्थिति पहले जैसी ही रही।
इंटर टॉपर आर्यन पुंडीर की सफलता ने उनके परिवार में खुशी की लहर दौड़ा दी है। बिरालसी गांव के रहने वाले आर्यन के पिता संजू पुंडीर किसान हैं और मां सपना पुंडीर गृहिणी हैं। खास बात यह है कि आर्यन ने बिना किसी कोचिंग के अपनी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया। उनका मानना है कि सिर्फ घंटों पढ़ाई करने से ज्यादा जरूरी है विषय को गहराई से समझना। उन्होंने रोजाना 8 से 10 घंटे पढ़ाई की, लेकिन ध्यान रटने की बजाय समझ विकसित करने पर रखा।
भविष्य को लेकर आर्यन ने साफ कहा कि वह आगे चलकर इंजीनियरिंग की पढ़ाई करेंगे और इसके बाद यूपीएससी की तैयारी कर भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाना चाहते हैं। उनका लक्ष्य देश की सेवा करना है और इसके लिए वह लगातार मेहनत करने को तैयार हैं। उनकी इस उपलब्धि से न केवल उनका परिवार, बल्कि पूरा इलाका गर्व महसूस कर रहा है।