मुजफ्फरनगर। जनगणना 2027 की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन ने सोमवार को प्रेस वार्ता आयोजित कर लोगों को अहम जानकारियां दीं। कलेक्ट्रेट स्थित जिला पंचायत सभागार में जिलाधिकारी उमेश कुमार मिश्रा और अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) गजेंद्र सिंह ने जनगणना प्रक्रिया, डिजिटल सुविधाओं और अफवाहों से बचाव को लेकर विस्तार से जानकारी साझा की।


जिलाधिकारी उमेश कुमार मिश्रा ने साफ कहा कि जनगणना के दौरान किसी भी नागरिक से कोई दस्तावेज, ओटीपी या बैंक संबंधी जानकारी नहीं मांगी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस विषय में कई तरह की भ्रामक सूचनाएं फैल रही हैं, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति बन रही है।

डीएम ने जनता से अपील की कि किसी भी अनजान व्यक्ति को ओटीपी या निजी जानकारी न दें और केवल अधिकृत प्रगणकों को ही आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि जनगणना एक राष्ट्रीय महत्व का कार्य है, इसलिए इसमें सभी नागरिकों का सहयोग जरूरी है।

उन्होंने बताया कि 22 मई से 20 जून 2026 तक “मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना” का कार्य किया जाएगा। इस दौरान प्रगणक घर-घर जाकर निर्धारित 34 बिंदुओं पर जानकारी जुटाएंगे। इस प्रक्रिया में किसी भी दस्तावेज की मांग नहीं की जाएगी।

अपर जिलाधिकारी गजेंद्र सिंह ने बताया कि इस बार जनगणना में डिजिटल व्यवस्था भी शामिल की गई है। 7 मई से 21 मई 2026 तक “सेल्फ एन्यूमरेशन” की सुविधा उपलब्ध रहेगी, जिसके तहत नागरिक ऑनलाइन पोर्टल पर स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।

उन्होंने बताया कि ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रत्येक परिवार को एक यूनिक SE-ID जारी होगी, जिसे बाद में प्रगणक को दिखाना होगा।

प्रशासन की ओर से जनजागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है, ताकि लोग अफवाहों से बचें और सही जानकारी के साथ जनगणना में भाग लें। अधिकारियों ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे इस प्रक्रिया में सहयोग करें और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या फर्जी कॉल से सतर्क रहें।