उत्तर प्रदेश में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा उपमुख्यमंत्री को 100 विधायकों के सहारे मुख्यमंत्री बनाने के सुझाव पर तीखा जवाब दिया। चौधरी ने कहा कि यह बयान विपक्ष की हताशा और असमर्थता को दर्शाता है। उनके अनुसार, सपा अब अकेले सरकार बनाने की स्थिति में नहीं है।

सोमवार शाम हाल्सीगंज, घंटाघर स्थित आवास पर मीडिया से बातचीत में चौधरी ने स्पष्ट किया कि भाजपा में कोई अंतर्विरोध नहीं है और यदि कभी कोई मतभेद सामने आए तो उसे समय रहते सुलझा लिया जाएगा। उन्होंने कहा, “भाजपा सर्वसमाज की पार्टी है, हम सबको साथ लेकर चलते हैं, जबकि सपा जाति और धर्म आधारित राजनीति करती है, जिसे जनता भलीभांति समझ चुकी है। यही कारण है कि सपा के ‘जंगलराज’ को जनता ने नकार दिया।”

प्रदेश अध्यक्ष ने समाजवादी पार्टी की कमजोर स्थिति की ओर इशारा करते हुए कहा कि वहां लगातार जनाधार घट रहा है और संगठन ढीला पड़ रहा है। इसके विपरीत, भाजपा में अनुशासन, स्पष्ट नेतृत्व और मजबूत संगठन है। उन्होंने कहा कि जनता ने पूर्ण बहुमत देकर भाजपा को चुना है और सरकार विकास, सुशासन, कानून व्यवस्था और गरीब कल्याण के संकल्प के साथ काम कर रही है।

चौधरी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा अब केवल राजनीतिक शोहरत के लिए इस तरह के बयान दे रही है क्योंकि उसके पास जनहित के मुद्दे नहीं हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि विपक्ष के नेताओं को जनता के वास्तविक मुद्दों पर ध्यान देकर रचनात्मक राजनीति करनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता अब विकास और सुशासन की राजनीति को ही स्वीकार करती है, और भाजपा सरकार के कार्यों से निवेश, रोजगार, आधारभूत संरचना और कानून व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार हुए हैं।