शामली। बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने के उद्देश्य से हनुमान धाम में धर्मगुरुओं के साथ विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला प्रोबेशन अधिकारी मोहम्मद मुशफेकीन ने धर्मगुरुओं से अपील की कि वे अपने-अपने धार्मिक केंद्रों के माध्यम से समाज में बाल विवाह के नुकसान और इसके खिलाफ बने कानूनों के प्रति जागरूकता फैलाएं।
जिला प्रशासन ने बताया कि जनपद में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान 8 मार्च 2026 तक चलेगा। इस दौरान यह बताया गया कि बाल विवाह उस स्थिति को कहते हैं, जब लड़की की उम्र 18 वर्ष से कम और लड़के की उम्र 21 वर्ष से कम होने पर विवाह कराया जाता है। महिला कल्याण विभाग की सेंटर मैनेजर गजाला त्यागी ने कहा कि बाल विवाह से लड़कियों के शारीरिक, मानसिक और शैक्षिक विकास पर गंभीर असर पड़ता है।
बैठक में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना और स्पॉन्सरशिप योजना की भी जानकारी साझा की गई। कार्यक्रम के अंत में सभी धर्मगुरुओं और नागरिकों से बाल विवाह रोकने और इसके खिलाफ समाज में जागरूकता फैलाने की शपथ दिलाई गई। बैठक में नीरज नारायण, श्रीकांत सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।