शामली। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष आशुतोष ब्रह्मचारी ने कैराना की न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद गिरि के विरुद्ध परिवाद दायर किया है। शिकायत में मानहानि, धोखाधड़ी, साइबर अपराध और धमकी जैसे आरोप शामिल किए गए हैं।

आशुतोष ब्रह्मचारी का कहना है कि सोशल मीडिया के जरिए उनकी एक कथित मुकदमा सूची प्रसारित की गई, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा। उनका आरोप है कि इस सूची में उनकी न्यायिक स्थिति को गलत ढंग से प्रस्तुत करते हुए उन्हें आदतन अपराधी के रूप में दर्शाया गया। आशुतोष ब्रह्मचारी कांधला के निवासी हैं और श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले आशुतोष ब्रह्मचारी ने शंकराचार्य पर पॉक्सो एक्ट के तहत आरोप लगाए थे, जिसकी सुनवाई प्रयागराज की विशेष अदालत में लंबित है। उस मामले में शंकराचार्य ने आरोपों को निराधार और साजिश का हिस्सा बताया था।

अब कैराना कोर्ट में दायर नए परिवाद में आशुतोष ब्रह्मचारी ने दावा किया है कि उनकी धार्मिक और सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर डिजिटल माध्यमों पर साझा किया गया। अदालत ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 9 मार्च की तारीख तय की है। आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि उन्हें न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा है और वे कानून के तहत न्याय की अपेक्षा करते हैं।