उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में रविवार को एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जहां समाजवादी पार्टी के एक पूर्व पदाधिकारी पर युवक के अपहरण का आरोप लगा है। युवक को कथित तौर पर कार में जबरन बैठाकर जंगल की ओर ले जाया जा रहा था, लेकिन उसने चलती गाड़ी से कूदकर अपनी जान बचा ली। इस दौरान पुलिसकर्मी भी आरोपियों का पीछा करते समय सड़क हादसे का शिकार हो गए।

जानकारी के अनुसार, नरैनी कस्बे के राजीव नगर निवासी राजाराम गर्ग उर्फ बद्री प्रसाद ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि उनके बेटे रामनारायण उर्फ धोनी को कालिंजर रोड निवासी जगमोहन यादव, उसके बेटे शिवा यादव और दो अन्य लोगों ने जबरन कार में बैठाकर अपहरण कर लिया।

परिजनों का कहना है कि आरोपी युवक को कालिंजर की ओर जंगल में ले जा रहे थे और उनके पास हथियार भी थे। रास्ते में युवक के साथ मारपीट की गई। इसी दौरान मौका पाकर उसने चलती कार से छलांग लगा दी और किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई।

उधर, घटना की सूचना मिलते ही नरैनी कोतवाली के सिपाही अंकित और अतुल सिंह बाइक से आरोपियों का पीछा करने निकले। इसी दौरान रास्ते में एक अन्य बाइक से टक्कर हो गई, जिससे दोनों पुलिसकर्मी घायल हो गए।

घायल युवक और दोनों सिपाहियों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद युवक की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।

कोतवाली प्रभारी संदीप तिवारी ने बताया कि मामले में जगमोहन यादव, उसके पुत्र शिवा यादव और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मुख्य आरोपी जगमोहन यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

वहीं, समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष मधुसूदन कुशवाहा ने बताया कि जगमोहन यादव पार्टी के पूर्व जिला महासचिव रहे हैं, लेकिन इस घटना की उन्हें कोई जानकारी नहीं है।