मेरठ: तलाक के बाद ढोल-नगाड़ों के साथ अपने मायके लौटकर सुर्खियों में आईं प्रणिता वशिष्ठ और उनके पिता, रिटायर्ड जिला जज डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने शनिवार को प्रेस वार्ता कर पूरे मामले पर अपना पक्ष रखा। इस दौरान प्रणिता ने अपने पूर्व पति मेजर गौरव अग्निहोत्री द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह गलत, आधारहीन और छवि खराब करने वाला बताया।
प्रणिता के पिता डॉ. शर्मा ने कहा कि बेटी की घर वापसी पर किया गया पारंपरिक स्वागत केवल उसे मानसिक तनाव और ट्रॉमा से बाहर निकालने के उद्देश्य से था। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिवार की ओर से कभी भी दूसरे पक्ष के खिलाफ कोई अपमानजनक टिप्पणी नहीं की गई, लेकिन इसके बावजूद सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया, जिसे उन्होंने महिला सम्मान पर आघात बताया।
प्रेस वार्ता में परिवार ने कई दस्तावेज और साक्ष्य पेश करते हुए करोड़ों रुपये के लेन-देन के आरोपों को भी खारिज किया। उनका कहना था कि न्यायालय के रिकॉर्ड के अनुसार स्वयं पूर्व पति ने शादी पर लगभग 5 लाख रुपये खर्च होने की बात स्वीकार की है। वहीं, समझौते के तहत प्रणिता ने किसी प्रकार का भरण-पोषण (एलिमनी) नहीं लिया है। जिस जमीन का उल्लेख किया जा रहा है, वह शाहजहांपुर के डूब क्षेत्र में स्थित है और उसकी अनुमानित कीमत लगभग 75 हजार रुपये है।
प्रणिता ने यह भी आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष में उनके साथ मारपीट और बंधक बनाने जैसी घटनाएं हुई थीं, जिनकी शिकायत पहले ही दर्ज है। उन्होंने कहा कि अब उन पर दबाव बनाने और बदनाम करने के लिए आत्महत्या जैसे आरोपों का सहारा लिया जा रहा है।
परिवार ने साफ किया है कि वे इस मामले में मानहानि के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे। साथ ही उन्होंने मेरठ एसएसपी से सुरक्षा उपलब्ध कराने की भी मांग की है।