लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बजट सत्र की शुरुआत से पहले सभी विधायकों से अपील की कि यदि किसी सदस्य को कोई मुद्दा उठाना है, तो वह कार्यवाही को बाधित किए बिना संवाद और चर्चा के जरिए अपनी बात रखें।

मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से कहा कि यह उनकी सरकार का दसवां बजट सत्र है और सदन में बजट प्रस्तुत करने की परंपरा के अनुसार इसका आरंभ राज्यपाल के अभिभाषण से होगा। उन्होंने सभी सदस्यों से आग्रह किया कि सदन की गरिमा बनाए रखी जाए और लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुसार कार्यवाही को आगे बढ़ाया जाए।

योगी आदित्यनाथ ने बताया कि बजट सत्र का मुख्य एजेंडा दो भागों में होगा: पहला, राज्यपाल का अभिभाषण और दूसरा, वित्त वर्ष 2026-27 का सामान्य बजट। उन्होंने कहा कि सामान्य बजट 11 फरवरी को सदन में पेश किया जाएगा, इसके बाद उस पर चर्चा होगी। बजट सत्र 9 फरवरी से 20 फरवरी तक चलेगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्यपाल के अभिभाषण के तुरंत बाद उत्तर प्रदेश का पहला आर्थिक सर्वेक्षण सदन के पटल पर पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट सदस्यों के लिए डेटा आधारित चर्चा का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज होगी, जिसमें राज्य की आर्थिक उपलब्धियों और प्रति व्यक्ति आय में हुई वृद्धि का विवरण शामिल होगा।

योगी ने सदस्यों से कहा, “सरकार प्रत्येक सदस्य के सुझावों को महत्व देती है और हर मुद्दे पर चर्चा के बाद राज्यहित में आवश्यक कदम उठाएगी। विपक्षी सदस्यों से भी अनुरोध है कि कार्यवाही में व्यवधान न डालें और अनावश्यक शोरगुल से बचें।”

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि पिछले नौ वर्षों में विधानमंडल की कार्यवाही में कई नए कीर्तिमान स्थापित हुए हैं और सभी दलों के सदस्यों से अपील की कि वे जनता से जुड़े मुद्दों पर सार्थक और सकारात्मक चर्चा को आगे बढ़ाएं।