उत्तर प्रदेश में ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी व्यवस्था में बड़ा बदलाव लागू होने जा रहा है। परिवहन विभाग ने डीएल से संबंधित सभी तकनीकी और प्रिंटिंग कार्य नई निजी एजेंसियों को सौंप दिए हैं। नई कंपनियों ने आवश्यक हार्डवेयर और सिस्टम इंस्टॉलेशन पूरा कर लिया है, और सोमवार से उनका स्टाफ डीएल निर्माण से जुड़े कामों की ट्रायल प्रोसेस शुरू करेगा।
अब तक यह जिम्मेदारी स्मार्ट चिप कंपनी संभाल रही थी, जिसके करीब 300 कर्मचारी इस काम में तैनात थे। नए सिस्टम के तहत पूरे प्रदेश को तीन हिस्सों में बांटते हुए अलग-अलग एजेंसियों को नियुक्त किया गया है। राजधानी लखनऊ का काम 'सिल्वर टच' को दिया गया है, जबकि 'फोकाम नेट' और 'रोजमार्टा' अन्य जिलों की जिम्मेदारी देखेंगे।
पिछले सप्ताह हार्डवेयर अपग्रेड होने के कारण तीन-चार दिनों तक डीएल अप्रूवल प्रक्रिया रोकनी पड़ी थी, जिससे आवेदकों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। विभाग का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद सोमवार से कामकाज सुचारू हो जाएगा और लंबित आवेदन तेजी से निपटेंगे।
नई एजेंसी के आने के बाद कर्मचारियों के तबादले भी किए गए हैं। लखनऊ आरटीओ में अन्य जिलों से स्टाफ तैनात किया जाएगा, जबकि यहां कार्यरत कर्मचारियों को अलग-अलग जिलों में भेजा जाएगा। कई कर्मचारी लगभग दस साल से एक ही जिले में काम कर रहे थे, इसलिए बदलाव को एक बड़ी प्रशासनिक पुनर्संरचना माना जा रहा है।