अमेठी। शासन के निर्देश के बाद अब आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पात्र लाभार्थियों के कार्ड सीधे उनके गांव में बनाए जाएंगे। इस कार्य के लिए कोटेदारों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

शनिवार को तहसील सभागार में आयोजित कार्यक्रम में तकनीकी टीम ने सभी कोटेदारों के लिए आईडी और पासवर्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू की। कोटेदारों से आवश्यक दस्तावेज जमा कराए गए और उनकी पहचान कोड तैयार की गई। आपूर्ति निरीक्षक शुभम कुमार ने बताया कि शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन उपभोक्ताओं के पास अभी तक आयुष्मान कार्ड नहीं है, उनका कार्ड बनना अनिवार्य है। केवल इसके बाद ही उन्हें राशन का वितरण किया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान कोटेदारों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने पर जोर दिया गया ताकि वे अपने गांव में ही पात्र परिवारों के कार्ड तैयार कर सकें। अधिकारियों ने कहा कि इससे ग्रामीणों को तहसील या अन्य केंद्रों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और योजना का लाभ सीधे गांव स्तर पर मिल सकेगा।

तकनीकी टीम ने बताया कि कुछ दिन में शेष कोटेदारों की आईडी और पासवर्ड भी तैयार कर दी जाएगी। अधिकारियों ने कोटेदारों को निर्देश दिया कि आयुष्मान कार्ड बनाते समय सभी दस्तावेजों की सही जांच करें और पात्रता के आधार पर ही कार्ड जारी करें।