लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमंडल का शीतकालीन सत्र गुरुवार से प्रारंभ हो गया। सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया से बातचीत में बताया कि सदन की कार्यवाही आज से शुरू हो रही है। उन्होंने कहा कि 24 जनवरी को राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम पर विशेष चर्चा आयोजित की जाएगी। यह दिन उत्तर प्रदेश के स्थापना दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सर्वदलीय बैठक में विपक्षी दलों से सदन में सकारात्मक चर्चा में सहयोग का अनुरोध किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर खुली चर्चा और सभी सवालों के जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। सत्र के पहले दिन नेता सदन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय समेत सभी दलों के नेताओं ने दिवंगत सपा विधायक सुधाकर सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया और उनके सामाजिक योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

कफ सिरप कांड और एसआईआर पर हंगामे के संकेत
सत्र के दौरान समाजवादी पार्टी सहित विपक्षी दलों द्वारा कोडीन कफ सिरप तस्करी प्रकरण और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) को लेकर सरकार को घेरने के संकेत मिले हैं। साथ ही वंदे मातरम पर प्रस्तावित चर्चा को लेकर भी विरोध की संभावना जताई जा रही है।

सत्र के पहले दिन सपा के विधान परिषद सदस्य आशुतोष सिन्हा ने कफ सिरप मामले को लेकर सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि हजारों करोड़ रुपये के गबन और जहरीली कफ सिरप से बच्चों की मौत के बावजूद जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने दोषियों पर बुलडोजर कार्रवाई न होने को लेकर भी सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए।

संसदीय मर्यादा बनाए रखने की अपील
सत्र को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए गुरुवार को विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में सर्वदलीय और कार्यमंत्रणा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी दलों के नेताओं ने सदन की कार्यवाही को शालीनता और संसदीय परंपराओं के अनुरूप चलाने का भरोसा दिलाया।

विधानसभा अध्यक्ष ने सदस्यों से सकारात्मक संवाद और मर्यादित आचरण बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि सभी को अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिलेगा। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सत्र के दौरान प्रस्तुत होने वाले विधेयकों पर व्यापक चर्चा कराई जाएगी और सदन को जनहित के मुद्दों पर सार्थक बहस का मंच बनाया जाएगा।

संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने भी स्पष्ट किया कि सरकार सदन में उठाए जाने वाले हर विषय पर गंभीरता से जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को जनता की समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए।