उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने जापान दौरे के दौरान जापान की अत्याधुनिक मैग्लेव ट्रेन का परीक्षण करेंगे। यह ट्रेन चुंबकीय तकनीक के जरिए पटरी से ऊपर हवा में तैरती है और घर्षण लगभग शून्य होने के कारण 600 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार पकड़ सकती है।

मुख्यमंत्री इस हाईस्पीड ट्रेन में 100 किलोमीटर की परीक्षण यात्रा करेंगे, जिसमें 50 किलोमीटर आगे और 50 किलोमीटर वापसी की दूरी तय की जाएगी। मैग्लेव ट्रेन टोक्यो से नागोया तक के कॉरिडोर पर 2027 तक शुरू होने की दिशा में है, जिससे दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय आधे से भी कम हो जाएगा।

मैग्लेव तकनीक का महत्व

मैग्लेव ट्रेन में सुपरकंडक्टिंग मैग्नेट और अत्याधुनिक गाइडवे सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है, जो इसे उच्च गति पर भी स्थिरता और सुरक्षा प्रदान करता है। जापानी विशेषज्ञों के अनुसार, यह भविष्य के परिवहन का प्रतीक है और नीति निर्धारण तथा दीर्घकालिक योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण अनुभव प्रदान करता है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दौरा उत्तर प्रदेश में आधुनिक परिवहन ढांचे के विकास की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

दौरे का शेड्यूल

सीएम योगी 22 फरवरी को लखनऊ से सिंगापुर के लिए रवाना होंगे। 23-24 फरवरी को वह विभिन्न बैठकों और कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। 25-26 फरवरी को वे जापान में रहकर मैग्लेव ट्रेन समेत अन्य कार्यक्रमों में भाग लेंगे।