उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) 2026 का आयोजन गुरुवार को प्रदेशभर में शांतिपूर्ण और कड़ी निगरानी के बीच संपन्न हुआ। परीक्षा में पंजीकृत 8.07 लाख से अधिक अभ्यर्थियों में से 6.84 लाख उम्मीदवार शामिल हुए। इस तरह कुल उपस्थिति 84.76 प्रतिशत दर्ज की गई। परीक्षा के दौरान 14 फर्जी परीक्षार्थियों को भी पकड़ा गया, जिन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अनुसार परीक्षा का आयोजन राज्य के 60 जिलों में बनाए गए 955 परीक्षा केंद्रों पर किया गया। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित हुई।
आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने परीक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर बनाए रखी। आयोग के मुख्यालय में स्थापित एकीकृत कंट्रोल एवं कमांड सेंटर से सभी केंद्रों की लाइव मॉनिटरिंग की गई। इसके लिए एआई आधारित कैमरों का इस्तेमाल किया गया, जिनकी मदद से परीक्षार्थियों की गतिविधियों पर विशेष नजर रखी गई।
उपस्थिति के आंकड़ों पर नजर डालें तो महिला अभ्यर्थियों की उपस्थिति 84.69 प्रतिशत और पुरुष अभ्यर्थियों की 84.86 प्रतिशत दर्ज की गई। आयोग ने परीक्षा को पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए तकनीक और सुरक्षा व्यवस्थाओं का व्यापक उपयोग किया।
परीक्षा के दौरान कई जिलों में फर्जी अभ्यर्थियों को भी पकड़ा गया। पहली पाली में सात और दूसरी पाली में भी सात अभ्यर्थी दूसरे की जगह परीक्षा देते हुए पकड़े गए। इनमें फिरोजाबाद, बदायूं, इटावा, गोंडा, कानपुर नगर, मथुरा, मुरादाबाद, सहारनपुर, वाराणसी और गोरखपुर जैसे जिले शामिल रहे। सभी मामलों में संबंधित पुलिस थानों को कार्रवाई के लिए सूचना दी गई।
वहीं प्रयागराज में एक महिला अभ्यर्थी को संदेह के आधार पर रोका गया था, लेकिन जांच और सत्यापन के बाद उसे निर्दोष पाया गया।
आयोग ने दावा किया कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और शुचितापूर्ण माहौल में संपन्न हुई। इसके लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा, जिससे सभी केंद्रों पर व्यवस्था सुचारू बनी रही।