प्रयागराज। माघ मेले में समाजवादी पार्टी के संस्थापक नेताजी मुलायम सिंह यादव की प्रतिमा को लेकर छिड़े विवाद पर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने योगी सरकार पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है और समाजवादी पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता से घबराई हुई है।
गुरुवार को नेता प्रतिपक्ष माघ मेला क्षेत्र के सेक्टर-6 स्थित मुलायम सिंह यादव स्मृति सेवा संस्थान के शिविर में पहुंचे। उन्होंने बताया कि प्रयागराज मेला प्राधिकरण द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद अब यह स्पष्ट हो गया है कि शिविर में मुलायम सिंह यादव की प्रतिमा स्थापित नहीं की जा सकेगी। इसके स्थान पर यज्ञशाला में श्री राधा-कृष्ण की प्रतिमा स्थापित कर दी गई है।
माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि इससे पहले महाकुंभ मेले में नेताजी की प्रतिमा लगाई गई थी, लेकिन इस बार माघ मेले में इसे राजनीतिक रंग बताकर रोक दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी मुद्दे को लेकर शिविर के संस्थापक और सपा नेता संदीप यादव के खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज किए गए और उन पर गुंडा एक्ट लगाया गया है। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि प्रशासन गैंगस्टर एक्ट लगाने की तैयारी में है।
नेता प्रतिपक्ष ने स्पष्ट किया कि स्मृति सेवा संस्थान के शिविर में किसी प्रकार का राजनीतिक कार्यक्रम नहीं हो रहा है। कानून-व्यवस्था और मेला प्रशासन की आपत्तियों को देखते हुए प्रतिमा न लगाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि अब शिविर पूरी तरह धार्मिक गतिविधियों तक सीमित रहेगा।
संदीप यादव गुंडा नहीं, राजनीतिक कार्यकर्ता हैं
माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि संदीप यादव कोई अपराधी नहीं बल्कि एक राजनीतिक कार्यकर्ता हैं और वे शहर उत्तरी विधानसभा से चुनाव भी लड़ चुके हैं। उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे लोकतांत्रिक आंदोलनों से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह के मुकदमे कभी उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी दर्ज रह चुके हैं। सपा कार्यकर्ताओं को बेवजह निशाना बनाया जा रहा है।
मेला व्यवस्थाओं पर भी उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने उपमुख्यमंत्री के उस बयान पर भी पलटवार किया, जिसमें माघ मेले के खर्च को लेकर तुलना की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार 100 करोड़ रुपये खर्च करने का दावा कर रही है, लेकिन व्यवस्थाएं अब तक अधूरी हैं। उन्होंने कहा कि महाकुंभ के दौरान भी बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन वे स्वयं अंदर तक नहीं पहुंच सके और अरैल से ही लौटना पड़ा।
साधु-संत और नाविकों की समस्याएं
माघ मेले में साधु-संतों के विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि इससे साफ है कि सरकार की तैयारियां अधूरी हैं। उन्होंने सरकार से संत समाज की बात सुनने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने नाविकों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि माघ मेले में मोटर बोट का सीमित उपयोग होना चाहिए, क्योंकि इससे नाविकों की रोज़ी-रोटी और सुरक्षा दोनों प्रभावित होती हैं।
अंत में नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि मुलायम सिंह यादव स्मृति सेवा संस्थान के शिविर में धार्मिक अनुष्ठान, भंडारे और श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था की जाएगी।