कांगड़ा जिले के प्रागपुर विधानसभा क्षेत्र में 56वें पूर्ण राज्यत्व दिवस समारोह में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने भव्य परेड का निरीक्षण किया और मार्च पास्ट की सलामी ली।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने 70 वर्ष से अधिक उम्र के पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनधारकों को राहत देने की घोषणा की। उनका भुगतान 31 जनवरी से पहले किया जाएगा, जिसके लिए 90 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। साथ ही उन्होंने प्रागपुर में उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) कार्यालय खोलने और नलसूहा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) स्थापित करने की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में आई दो बड़ी आपदाओं के बावजूद विपक्षी दल ने केंद्र से आपदा प्रबंधन सहायता की मांग नहीं की। सीमित संसाधनों के बावजूद राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों को मुआवजा और गृह निर्माण में आर्थिक सहायता प्रदान की। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में राजस्व अदालतें संचालित की जा रही हैं और हर विधानसभा क्षेत्र में डे-बोर्डिंग और सीबीएसई स्कूल खोले जा रहे हैं। कांगड़ा जिले को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित किया जा रहा है और करुणामूलक योजनाओं पर गंभीरता से काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने, प्रदेश में चिट्टा मुक्त हिमाचल अभियान चलाने और सिरमौर में विश्वस्तरीय संस्थान स्थापित करने की जानकारी भी दी। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा तैयार किए गए ‘समृद्ध हिमाचल विज़न डॉक्यूमेंट’ का उल्लेख किया, जिसमें पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए संतुलित विकास की रूपरेखा तय की गई है।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने प्रदेशवासियों को राज्यत्व दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने 25 जनवरी 1971 से हिमाचल प्रदेश की यात्रा को याद करते हुए कहा कि राज्य के दूरदर्शी नेताओं और मेहनती नागरिकों ने इसे देश के पहाड़ी राज्यों के लिए एक विकास आदर्श बनाया। उप मुख्यमंत्री ने युवाओं से प्रेरणा लेने और हिमाचल को आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनाने में योगदान देने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्रदेशवासियों को पूर्ण राज्यत्व दिवस की शुभकामनाएं दीं। ट्वीट में उन्होंने लिखा कि हिमाचल प्रदेश के लोग अपनी प्रतिभा और पराक्रम से सदैव मां भारती की सेवा करते आए हैं, और उन्होंने राज्य की समृद्धि और उज्जवल भविष्य की कामना की।