देहरादून। पिछले साल नकली दवाओं का उत्पादन करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह को पकड़ने वाली एसटीएफ टीम को इस वर्ष राज्यपाल पदक से सम्मानित किया जाएगा। इस कार्रवाई में गिरोह के कई सदस्य और कई फर्जी फैक्ट्रियां पकड़ी गई थीं। गिरोह का संचालन राजस्थान निवासी एक व्यक्ति कर रहा था।
एसटीएफ ने इस अभियान में बड़ी मात्रा में नकली दवाओं और अन्य सामग्री बरामद की थी। इसी कड़ी में 137 अधिकारियों और कर्मचारियों को गणतंत्र दिवस के अवसर पर डीजी प्रशस्ति पदक से सम्मानित किया जाएगा।
राज्यपाल पदक पाने वाली एसटीएफ टीम (मुख्य सदस्य)
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इंस्पेक्टर यशपाल सिंह बिष्ट
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एसआई नरोत्तम बिष्ट
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कांस्टेबल देवेंद्र कुमार
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हेड कांस्टेबल भूपेंद्र सिंह मर्तोलिया
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एएसआई सुनील कुमार
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हेड कांस्टेबल सुनील रावत
डीजी प्रशस्ति (सिल्वर डिस्क, सेवा के आधार पर)
मुख्य अधिकारी:
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एसएसपी तृप्ति भट्ट
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कमांडेंट पीएसी पंकज भट्ट
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एसपी अमित श्रीवास्तव
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एएएसपी राजेश कुमार भट्ट
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डीएसपी पंकज कोठियाल
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डीएसपी बलवंत सिंह
अन्य अधिकारी और कर्मचारियों को भी सिल्वर और गोल्ड डिस्क में विभाजित कर विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया जाएगा। इसमें पुलिस, एसटीएफ, आरडीएफ, फायर सर्विस और अन्य विभागों के कर्मी शामिल हैं।
डीजी प्रशस्ति (गोल्ड डिस्क, विशिष्ट कार्य के लिए)
इस श्रेणी में उन अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने नकली दवा गिरोह पकड़ने और अन्य विशेष अभियानों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसमें एसएसपी, एसपी, एएसपी, डीएसपी, इंस्पेक्टर और कांस्टेबल शामिल हैं।
यह सम्मान एसटीएफ टीम की बहादुरी और उत्कृष्ट सेवा को मान्यता देने के लिए दिया जा रहा है, जिन्होंने सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए जोखिम उठाते हुए इस अंतरराज्यीय गिरोह को गिरफ्तार किया।