देहरादून। मच्छी बाजार में हुई गुंजन हत्याकांड में एसआइटी ने चौथे दिन ही आरोपित के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर ली है। घटना में इस्तेमाल चापड़, आरोपी के खून से सने कपड़े, जूते और हेलमेट को फ़ॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।

एसआइटी शुक्रवार को चार्जशीट की कॉपी न्यायालय में पेश करेगी और मामले को फास्ट ट्रैक ट्रायल में चलाने के लिए पैरवी करेगी। यह बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) के तहत पहला ऐसा मामला है जिसमें पुलिस ने चार दिन में आरोपित को गिरफ्तार कर चार्जशीट भी तैयार की।

दो फरवरी को शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित मच्छी बाजार में प्रतापगढ़ निवासी आकाश कुमार ने अपनी मित्र गुंजन श्रीवास्तव की चापड़ से गला काटकर हत्या कर दी थी। घटना के तुरंत बाद ही आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया और उसे जेल भेजा गया।

एसएसपी अजय सिंह के निर्देशन में और पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार की निगरानी में एसआइटी ने घटना की जांच तेज़ी से शुरू की। टीम ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच की, आरोपित की स्कूटी को कब्जे में लिया और उसके आने-जाने के मार्ग का चार्ट तैयार किया।

एसआइटी ने मौके पर मौजूद चश्मदीदों और अन्य महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज किए। आरोपी के खून से सने कपड़े, जूते और हेलमेट विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजे गए। मृतका का पोस्टमार्टम विशेषज्ञ डॉक्टरों के पैनल से करवाया गया।

चार दिनों की लगातार विवेचना में एसआइटी ने 35 गवाहों को शामिल करते हुए सभी भौतिक और फॉरेंसिक साक्ष्यों को केस में शामिल कर आरोपपत्र तैयार किया।

सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि आरोपी ने झगड़े से लेकर हत्याकांड को केवल 10-15 मिनट में अंजाम दिया। उसने गुंजन पर दो वार किए—पहले वार में एक उंगली कट गई और दूसरे वार में गला। आरोपी ने गुंजन की मित्र पर भी हमला किया, लेकिन वह बच गई। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि चापड़ वह पहले से घर पर रखता था और हत्या को अंजाम देने के लिए उसे साथ लाया था।

एसआइटी का कहना है कि इस जघन्य हत्याकांड को ‘रेयर ऑफ़ रेयर’ श्रेणी में रखा गया है और आरोपित के खिलाफ न्यायालय में कठोरतम सजा दिलाने के लिए पैरवी की जाएगी।