नैनीताल में जिमखाना क्लब और जिला खेल संघ (डीएसए) मैदान में ईद की नमाज अदा करने को लेकर जारी विवाद पर उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने अहम सुनवाई की है। अदालत ने जिला प्रशासन के फैसले पर अस्थायी रोक लगाते हुए 28 मई को डीएसए मैदान में नमाज अदा करने की अनुमति प्रदान कर दी है।

यह मामला उस समय सामने आया जब जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया था कि ईद की नमाज मुख्य रूप से मस्जिदों या निजी स्थानों पर ही पढ़ी जानी चाहिए। प्रशासन का कहना था कि डीएसए मैदान खेल गतिविधियों के लिए निर्धारित है और वहां इस समय विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं चल रही हैं, ऐसे में धार्मिक आयोजन के लिए इसका उपयोग उचित नहीं है।

हालांकि इससे पहले डीएसए की ओर से अंजुमन इस्लामिया को 28 मई 2026 को मैदान में नमाज की अनुमति दी गई थी, जिसे कुछ ही घंटों बाद वापस ले लिया गया। इस फैसले के बाद शहर में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई थी और विवाद गहरा गया।

प्रशासन ने अपनी दलील में कहा था कि सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और खेल गतिविधियों को बाधित होने से बचाने के लिए धार्मिक आयोजनों को निर्धारित स्थानों तक सीमित रखना जरूरी है। वहीं, मस्जिदों और निजी परिसरों में शांतिपूर्ण तरीके से नमाज अदा करने की अपील भी की गई थी।

उधर, अदालत के ताजा आदेश के बाद 28 मई को डीएसए मैदान में नमाज की अनुमति मिल गई है। इस घटनाक्रम के बाद शहर में यह चर्चा भी तेज हो गई है कि क्या इसी तरह के नियम भविष्य में अन्य धार्मिक आयोजनों पर भी लागू होंगे या नहीं।