नारसन। डासना धाम के महंत महामंडलेश्वर स्वामी यति नरसिंहानंद गिरी महाराज को यूजीसी के नए कानून के विरोध में गंगा किनारे धरना देने से पहले ही नारसन बार्डर पर रोक दिया गया। प्रदेश की सीमा में प्रवेश न देने के निर्णय के बाद उन्हें वापस लौटना पड़ा। इस दौरान उनके समर्थकों और पुलिस के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई।

धरने का ऐलान और पुलिस की कार्रवाई
यति नरसिंहानंद गिरी महाराज ने हरिद्वार में गंगा के किनारे यूजीसी के नए कानून के विरोध में धरने का ऐलान किया था। रविवार को वे समर्थकों के साथ हरिद्वार की ओर बढ़े, लेकिन नारसन बार्डर पर पुलिस ने उनके वाहनों को रोक लिया। महाराज और उनके अनुयायियों ने हरिद्वार जाने की मांग की, लेकिन पुलिस ने इसे अनुमति नहीं दी।

यति नरसिंहानंद गिरी का विरोध
महंत ने कहा कि जैसे अंग्रेजों ने देश में विभाजन करके शासन किया, उसी तरह वर्तमान सरकार भी समाज में विभाजन की नीति अपना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूजीसी का यह नया कानून हिंदू समाज को तोड़ने का काम करेगा और इसे किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने दिया जाएगा।