टेक्नोलॉजी की दुनिया में बड़ी खबर सामने आई है। गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट ने अपने सीईओ सुंदर पिचाई के अगले तीन वर्षों का कुल संभावित वेतन पैकेज 69.2 करोड़ डॉलर (लगभग 6361 करोड़ रुपये) कर दिया है। इस फैसले के साथ पिचाई दुनिया के सबसे अधिक वेतन पाने वाले सीईओ की सूची में शामिल हो गए हैं।

वेतन पैकेज की संरचना और बेसलाइन राशि

इस पैकेज में पिचाई की सालाना बेसिक सैलरी 20 लाख डॉलर तय की गई है, जबकि बाकी का बड़ा हिस्सा शेयरों और प्रदर्शन आधारित इंसेंटिव्स के रूप में मिलेगा। अगर पिचाई कंपनी के लक्ष्य को पूरी तरह हासिल नहीं कर पाते हैं, तो भी तीन वर्षों में उन्हें 39.1 करोड़ डॉलर की न्यूनतम राशि प्राप्त होगी।

प्रदर्शन आधारित स्टॉक और नए इंसेंटिव

पैकेज का बड़ा हिस्सा परफॉरमेंस स्टॉक यूनिट्स (PSU) पर आधारित है, जिसकी टारगेट वैल्यू 12.6 करोड़ डॉलर है। यदि कंपनी लक्ष्य से आगे बढ़ती है, तो यह रकम दोगुनी होकर 25.2 करोड़ डॉलर तक जा सकती है। इसके अलावा, पिचाई को 84 मिलियन डॉलर के प्रतिबंधित शेयर भी मिलेंगे, जिन्हें हर महीने भुनाया जा सकेगा।

इस डील में सेल्फ-ड्राइविंग टैक्सी शाखा ‘वेमो’ और ड्रोन डिलीवरी स्टार्टअप ‘विंग’ के लिए स्टॉक इंसेंटिव्स भी जोड़े गए हैं। इसके तहत वेमो के लिए 13 करोड़ डॉलर और विंग के लिए 4.5 करोड़ डॉलर की टारगेट वैल्यू के शेयर रखे गए हैं, जो शानदार प्रदर्शन पर 200 प्रतिशत तक बढ़ सकते हैं।

पिचाई की उपलब्धियां और कारण

भारतीय मूल के 53 वर्षीय पिचाई ने 2004 में गूगल जॉइन किया। उन्होंने क्रोम ब्राउज़र और एंड्रॉइड डिविजन को सफल बनाया। पिचाई के नेतृत्व में कंपनी ने वेमो और विंग के क्षेत्र में भी प्रगति की। 2015 में जब पिचाई सीईओ बने, तब गूगल का मार्केट कैप 535 बिलियन डॉलर था, जो अब लगभग 3.6 ट्रिलियन डॉलर हो गया है।

पिचाई ने एआई और सर्च इंजन में नई टेक्नोलॉजी को इंटीग्रेट किया और कंपनी को बड़े एंटीट्रस्ट मुकदमों से बाहर निकाला।

पिचाई का पैकेज अन्य टेक सीईओ के मुकाबले

उनके पैकेज की तुलना में, माइक्रोसॉफ्ट के सत्या नडेला का 2025 का कुल वेतन 96.5 मिलियन डॉलर था, जबकि एपल के टिम कुक ने 74.3 मिलियन डॉलर कमाए।

पिचाई की संपत्ति और संस्थापकों का नियंत्रण

ब्लूमबर्ग बिलियनेयर इंडेक्स के अनुसार, पिचाई और उनकी पत्नी के पास 1.67 मिलियन गूगल शेयर हैं, जिनकी कीमत लगभग 49.8 करोड़ डॉलर है। इसके बावजूद, कंपनी पर असली नियंत्रण संस्थापक लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन के पास है।

क्यों इतना बड़ा पैकेज?

अल्फाबेट का बोर्ड पिचाई के नेतृत्व में कंपनी की मार्केट वैल्यू में सात गुना बढ़ोतरी और भविष्य की टेक्नोलॉजी—जैसे AI, सेल्फ-ड्राइविंग टैक्सी और ऑटोनॉमस डिलीवरी—में आक्रामक निवेश के लिए भरोसा जताना चाहता है।